उप्रः बांदा पुलिस पर लगा गांजा की तस्करी का आरोप!

बांदा। उत्तर प्रदेश में अभी तक मादक पदार्थों की तस्करी करने के आरोप माफियाओं पर लगते रहे है और पुलिस पर इसे रोंकने की जिम्मेदारी थी, लेकिन अब बांदा जिले की ओरन पुलिस पर गांजा और अवैध असलहा की तस्करी करने का गंभीर आरोप लगा है। गोपनीय सूत्र बताते हैं कि इस समय करीब एक बोरा गांजा पुलिस चौकी में मौजूद है, जिसे एक सिपाही आस-पास के गांवों में बेंचने के फिराक में हैं।




बिसंड़ा थाने की पुलिस चौकी ओरन में एक रात गुजार चुके एक गांव के चौकीदार ने अपना नाम न छापने की शर्त पर इस संवाददाता को मंगलवार की सुबह फोन पर बताया कि ‘प्रभारी उपनिरीक्षक के सरकारी आवास पर करीब एक बोरा गांजा रखा हुआ है, जिसे कुछ सिपाही आस-पास के गांव में बेंचने की फिराक में हैं। इस चौकीदार ने बताया कि ‘जिस रात वह हाजिरी देने चौकी में रुका था, उस समय एक सिपाही ने शायद चौसड़ या तेन्दुरा गांव के किसी व्यक्ति को फोन पर गांजा खरीदने सौदेबाजी कर रहा था। यह सिपाही मातादीन कह कर एक बोरा गांजा बेंचने का सौदा तय कर रहा था। इसने बताया कि ‘पिछले महीने की हाजिरी में जब वह चौकी में रुका था, तब यही सिपाही किसी से एक चोरी की रायफल बेंचने की बात तय किया था, लेकिन वह नहीं बिक पाई।’




इस चौकीदार की बात पर भरोसा किया जाए तो इसने बताया कि ‘उपनिरीक्षक की जानकारी में यह सिपाही चोरी की मोटरसाइकिल से गांवों में गश्त करता रहा है, अभी दो दिन पूर्व ही एक युवक को पकड़ कर लाई पुलिस ने यही चोरी की मोटरसाइकिल और न बिक सकी देशी रायफल लगाकर उसे जेल भेजा गया है।’ उसने जेल भेजे गए युवक का नाम दिलीप पुत्र राममिलन बताया है।’ हालांकि इस संवाददाता ने चौकीदार के फोन वॉयस रिकॉर्ड किया हुआ है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आम ग्रामीणों के घरों में छापा मारने वाली पुलिस चौकी में छापा कौन मारेगा? और सड़क से पकड़ कर जेल भेजने में माहिर इस चौकी में मौजूद दरोगा और सिपाही के खिलाफ कोई कार्रवाई भी होगी या फिर इसी तरह निर्दोष को जेल भेजने का सिलसिला जारी रहेगा। वैसे नये पुलिस अधीक्षक पर बांदावासियों को काफी भरोसा है, उम्मीद है कि वह जरूर एक्शन लेंगे।

बाँदा से आर जयन की रिपोर्ट