…और दोबारा छिन गया गीता का ‘सुहाग’

बांदा: बेचारी गीता को क्या मालूम था कि पहला सुहाग उजड़ने के बाद मिले दूसरे ‘सुहाग’ को भी डकैत छीन लेंगे। यहां बात की जा रही है, डोड़ामाफी गांव में ढाई लाख रुपये के इनामी डकैत बबली कोल द्वारा बुधवार को मारे गए रामकरन यादव की विधवा पत्नी की।



दरअसल, रामनगर के गीता की शादी साल 2005 में डोड़ामाफी गांव के ददौली यादव के चैथे नंबर के बेटे रामप्रताप से हुई थी, लेकिन गांव में रंजिश के चलते डकैतों ने रामप्रताप का अपहरण कर दिसंबर 2007 में हत्या कर दी। परिजनों ने गीता की दूसरी शादी मृतक रामप्रताप के छोटे भाई रामकरन से कर उसकी ‘मांग’ में दोबारा सिंदूर सजा दिया। इस बेचारी गीता को नहीं पता था कि अपने जिस देवर से वह दोबारा शादी रचा रही है, उसे भी डकैत छीन लेंगे। हुआ भी वही, जिसकी उम्मीद न थी।

बुधवार को गांव पहुंचे ढाई लाख रुपये के इनामी डकैत बबली कोल ने रामकरन (27) को पकड़ लिया और दिनदहाड़े उसे गोलियों से भून दिया। इतना ही नहीं, हत्या करने के बाद डकैत करीब एक घंटे तक उसकी लाश पर नाच कर जश्न मनाते रहे। मृतक रामकरन का भाई मंगल बताता है कि ‘डकैत करीब सुबह साढ़े छह बजे गांव आए और भाई को पकड़ कर गोली मार दी। जरिए मोबाइल फोन पुलिस अधीक्षक को घटना की जानकारी दी गई, लेकिन पुलिस करीब दो घंटे बाद आई। तब तक डकैत जंगल में गायब हो चुके थे।’

उसने बताया कि ‘डकैतों से उनकी कोई दुश्मनी नहीं है। गांव में एक अन्य परिवार से रंजिश है, जिसके चलते बदमाशों को सुपारी देकर हत्या कराई गई है।’ चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चैधरी ने बताया कि ‘युवक की हत्या के बाद पुलिस जंगल में कांबिंग कर डकैत दल की खोज कर रही है, अब तक डकैतों का पता नहीं चला।’ उधर, गुरुवार की देर रात डोड़ामाफी गांव पहुंचे डीआईजी बांदा ज्ञानेश्वर तिवारी ने डकैतों के खिलाफ अभियान तेज करने का आदेश दिया है, उन्होंने फोन पर बताया कि ‘दस्यु बबली कोल व उसके गिरोह का सफाया करने की रणनीत बनाई जा रही है।’

बांदा से आर जयन की र्रिपोर्ट