बंगाली बाबा का दावा, 5 दिन पहले मर चुकी महिला को पूर्णमासी के दिन करेंगे ज़िंदा

कानपुर। आज के आधुनिक युग में जहां एक तरफ हम चांद पर घर बनाने के बारे में सोच रहें हैं वहीं आज भी कुछ ऐसे लोग है जो अंधविश्वाश पर इतने अडिग है कि वे समाज को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं है। दरअसल ऐसा ही अंधविश्वास का एक मामला यूपी के कानपुर से सामने आया है। जहां 2 जून को एक महिला को साप ने काट लिया था जिसके बाद उस महिला की मौत हो गयी थी। इसी बीच वहाँ एक तांत्रिक पहुंचा और मृतका के परिजनो से शव को दफनाने को माना कर दिया। तांत्रिक ने कहा कि, “तुम्हारे लिए तो यह बेकार हो चुकी है, लेकिन मेरे लिए बहुत काम की है। पूर्णमासी (9 जून) को मैं महिला को जिंदा कर दूंगा।” फिलहाल शव को 7 फीट गड्ढे में रखा गया है।



मामला कानपुर के चौबेपुर ब्लॉक स्थ‍ित चौधरीपुर गांव का है। यहां रहने वाले रामेश्वर राजपूत खेती-किसानी कर परिवार का पेट भरते है। परिवार में पत्नी सकुंतला (43) और 2 बेटे, 2 बेटियाँ है। रामेश्वर ने बताया कि 2 जून को साप ने पत्नी को काट लिया था, जिसके बाद उसने अपनी पत्नी का हर जगह इलाज कराया, झाड-फूक भी कराया पर कोई असर नहीं हुआ, और उसकी पत्नी की मृत्यु हो गयी थी। इसी बीच उसके घर एक बाबा आए, जिनको लोग बंगाली बाबा के नाम से जानते है। उन्होने शव को दफनाने के लिए माना किया और मंत्र पढ़कर उसकी पत्नी के शरीर पर पनि फेका जिससे मृतका का अकड़ा हुआ शरीर ढीला पड़ गया। लोग ये देख हैरान हो गए। फिर बाबा ने मृतका के पति से कहा कि तुम लोगों ने उस साप को मार दिया है वरना में अभी इस महिला को ज़िंदा कर देता। इतना कहते हुये बाबा ने आगे कहा कि अभी भी घबराने की कोई बात नहीं, मैं इसे आने वाली पूर्णमासी को ज़िंदा कर दूंगा। फिलहाल इस शव ओ अभी एक 7 फीट घड्ढे में रख कर ऊपर से पटरा लगा दो।



रामेश्वर ने बताया की बाबा ने जैसा-जैसा बताया हम करते चले गए और अब पूर्णमासी का इंतजार है। हैरान कर देने वाली बात तो ये है कि 5 दिन पुराने शव के पास से किसी भी तरह की बदबू नहीं आ रही, शव एक दम ठीक है। उधर बाबा ने ये भी दावा किया है कि उन्होने पहले भी 18 लोगो को जीवित किया है, पर कभी भी पैसे की डिमांड नहीं की।