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आखिर क्या है बांग्लादेश से जीडीपी में पिछड़ने का कारण, जानिए किन मामलों में हम हैं पीछे

Bangladesh Ahead Of India In Gdp Growth Rate Including Progress In Manufacturing Sector Are These Major Reasons

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली। भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) इस साल -10.3 प्रतिशत जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ़ का ये अनुमान सामने आया है। इन सबके बीच बांग्लादेश की जीडीपी तेजी से बढ़ रही है। जो चर्चा का विषय बनी हुई है। आईएमएफ़ का अनुमान ये भी है कि प्रति व्यक्ति जीडीपी में आने वाले दिनों में बांग्लादेश भारत को पीछे छोड़ कर आगे निकल जाएगा।

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2004 से तेजी से बढ़ रही है बांग्लादेश की इकॉनामी
प्रति व्यक्ति आय की गणना में आबादी अहम हिस्सा है। कुल जीडीपी को कुल आबादी से भाग देने पर जो संख्या निकलती है, वह प्रति व्यक्ति आय होती है। सवाल उठता है कि इस साल भारत की प्रति व्यक्ति आय बांग्लादेश से कम क्यों हो रही है। इसके तीन कारण हैं। पहला यह कि बांग्लादेश की इकॉनमी 2004 से बहुत तेजी से बढ़ रही है। 2017 से भारत की चाल सुस्त हो गई जबकि बांग्लादेश की रफ्तार और तेज हो गई। साथ ही पिछले 15 सालों में भारत की आबादी बांग्लादेश की तुलना में तेजी से बढ़ी है। तीसरा कारण कोरोना की मार। इस साल जहां भारत की जीडीपी के 10 फीसदी सिकुड़ने का अनुमान है, वहीं बांग्लादेश की जीडीपी 4 फीसदी बढ़ सकती है।

मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर में बांग्लादेश तेज़ी से कर रहा प्रगति
बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था में दो बातों का सबसे बड़ा योगदान है। पहला कपड़ा उद्योग और दूसरा विदेशों में काम करने वाले लोगों का भेजा पैसा। मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर में बांग्लादेश तेज़ी से प्रगति कर रहा है। कपड़ा उद्योग में बांग्लादेश चीन के बाद दूसरे नंबर पर है। बांग्लादेश में बनने वाले कपड़ों का निर्यात सालाना 15 से 17 फ़ीसदी की दर से आगे बढ़ रहा है। 2018 में जून महीने तक कपड़ों का निर्यात 36.7 अरब डॉलर तक पहुँच गया। प्रधानमंत्री शेख़ हसीना का लक्ष्य है कि 2021 में बांग्लादेश जब अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाए, तो यह आँकड़ा 50 अरब डॉलर तक पहुंच जाए।

मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर में पिछड़ा भारत
दूसरी तरफ़ भारत में मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर में पिछले दिनों सबसे ज़्यादा गिरावट देखने को मिली है। पहली तिमाही में मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर ग्रोथ -39.3 फ़ीसदी रहा था। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था में विदेशों में काम करने वाले क़रीब 25 लाख बांग्लादेशियों की भी बड़ी भूमिका है। विदेशों से ये जो पैसे कमाकर भेजते हैं, उनमें सालाना 18 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हो रही है और 2019 में ये राशि 19 अरब डॉलर तक पहुँच गई। लेकिन कोरोना महामारी की वजह से दोनों ही क्षेत्रों में नकारात्मक असर पड़ा है.

 

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