पाकिस्तान पर चौतरफा हमला, बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी किया सार्क समिट का बहिष्कार

नई दिल्ली| जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले के बाद 9 और 10 नवंबर को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाले सार्क सम्मलेन का भारत ने बायकाट करने का फैसला किया है| भारत की ओर से न तो पीएम मोदी पाकिस्तान जाएंगे और ही न ही भारत की तरफ से कोई और इसमें शामिल होगा| इतना ही नहीं भारत का समर्थन करते हुए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान ने भी इस समिट का बायकॉट करने का फैसला किया है|




जो जानकारी सामने निकलकर सामने आई है उसके मुताबिक बांग्लादेश ने सार्क के मौजूदा अध्यक्ष को भेजे संदेश में कहा, “बांग्लादेश के अंदरूनी मामलों में एक देश द्वारा बढ़ते दखल ने ऐसा माहौल पैदा कर दिया है जिसकी वजह से नवंबर, 2016 में इस्लामाबाद में 19वें सार्क शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन मुमकिन नहीं है|” सूत्रों का कहना है कि अफगानिस्तान ने भी यही वजह बताते हुए शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने का फैसला किया है|

Bangladesh Bhutan And Afghanistan Pull Out Of Saarc Summit :

इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत ने दक्षेस के मौजूदा अध्यक्ष नेपाल को अवगत करा दिया है कि क्षेत्र में सीमापार से आतंकवादी हमलों में वृद्धि और एक देश द्वारा सदस्य देशों के आंतरिक मामलों में बढ़ते हस्तक्षेप ने ऐसा वातावरण बना दिया है जो 19वें दक्षेस सम्मेलन के सफल आयोजन के अनुकूल नहीं है|” इसमें कहा गया है कि मौजूदा परिदृश्य में भारत सरकार इस्लामाबाद में प्रस्तावित सम्मेलन में शामिल होने में असमर्थ है|

बता दें कि 18 सितंबर को उरी आतंकी हमले में भारत के 18 जवान शहीद हो गए थे| तभी से भारत पाकिस्तान को दुनिया में अलग-थलग करने के लिए एक मुहिम चल रही है| उधर, पाकिस्तान ने भारत के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है|



नई दिल्ली| जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले के बाद 9 और 10 नवंबर को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाले सार्क सम्मलेन का भारत ने बायकाट करने का फैसला किया है| भारत की ओर से न तो पीएम मोदी पाकिस्तान जाएंगे और ही न ही भारत की तरफ से कोई और इसमें शामिल होगा| इतना ही नहीं भारत का समर्थन करते हुए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान ने भी इस समिट का बायकॉट करने का फैसला किया है| जो जानकारी सामने निकलकर सामने आई है उसके मुताबिक बांग्लादेश ने सार्क के मौजूदा अध्यक्ष को भेजे संदेश में कहा, "बांग्लादेश के अंदरूनी मामलों में एक देश द्वारा बढ़ते दखल ने ऐसा माहौल पैदा कर दिया है जिसकी वजह से नवंबर, 2016 में इस्लामाबाद में 19वें सार्क शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन मुमकिन नहीं है|" सूत्रों का कहना है कि अफगानिस्तान ने भी यही वजह बताते हुए शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने का फैसला किया है|इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत ने दक्षेस के मौजूदा अध्यक्ष नेपाल को अवगत करा दिया है कि क्षेत्र में सीमापार से आतंकवादी हमलों में वृद्धि और एक देश द्वारा सदस्य देशों के आंतरिक मामलों में बढ़ते हस्तक्षेप ने ऐसा वातावरण बना दिया है जो 19वें दक्षेस सम्मेलन के सफल आयोजन के अनुकूल नहीं है|" इसमें कहा गया है कि मौजूदा परिदृश्य में भारत सरकार इस्लामाबाद में प्रस्तावित सम्मेलन में शामिल होने में असमर्थ है|बता दें कि 18 सितंबर को उरी आतंकी हमले में भारत के 18 जवान शहीद हो गए थे| तभी से भारत पाकिस्तान को दुनिया में अलग-थलग करने के लिए एक मुहिम चल रही है| उधर, पाकिस्तान ने भारत के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है|