बांग्लादेश के विदेश मंत्री बोले- हमारा सांप्रदायिक माहौल ठीक, कुछ महीने गुजारें अमित शाह

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बांग्लादेश के विदेश मंत्री बोले- हमारा सांप्रदायिक माहौल ठीक, कुछ महीने गुजारें अमित शाह

नई दिल्ली। राज्य सभा में नागरिकता संशोधन बिल पर मुहर लगने के बाद अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक भेदभाव झेल रहे अल्पसंख्यकों को बड़ी राहत मिली है। लेकिन इस भारत के इस कदम से पड़ौसी देशों में खलबली मची हुई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमेन ने बुधवार को कहा कि अमित शााह को बांग्लादेश आने और कुछ दिन गुजारने की सलाह दी है।  

Bangladesh Foreign Minister Said Our Communal Atmosphere Is Fine Spend A Few Months Amit Shah :

मोमेन ने कहा, ‘ऐतिहासिक रूप से भारत सहिष्णु देश है जो धर्मनिरपेक्षता में भरोसा करता है लेकिन यह छवि कमजोर होगी अगर वे इससे हटेंगे।’
उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के मित्रवत संबंध हैं और इसे द्विपक्षीय संबंधों का सुनहरा अध्याय करार दिया जाता है। इसलिए स्वभाविक है कि हमारे लोग (बांग्लादेशी) उम्मीद करते हैं कि भारत ऐसा कुछ नहीं करें जिससे उनमें व्यग्रता पैदा हो।

मोमेन ने भारतीय गृहमंत्री द्वारा बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के सताए जाने के आरोप को झूठ करार दिया और कहा कि जिन्होंने भी उन्हें यह सूचना दी वह सही नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘हमारे देश के कई अहम फैसले विभिन्न धर्मों को मानने वाले लोगों द्वारा लिए जाते हैं… हम किसी का भी आकलन उनके धर्म से नहीं करते।’

 मोमेन ने नागरिकता कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दुनिया में बहुत कम ऐसे देश हैं जहां बांग्लादेश जैसी सामाजिक समरसता देखी जा सकती है। यदि वे (अमित शाह) कुछ महीने बांग्लादेश में गुजारें तो वे हमारे देश का सांप्रदायिक सौहार्द्र देख सकते हैं।  

 

नई दिल्ली। राज्य सभा में नागरिकता संशोधन बिल पर मुहर लगने के बाद अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक भेदभाव झेल रहे अल्पसंख्यकों को बड़ी राहत मिली है। लेकिन इस भारत के इस कदम से पड़ौसी देशों में खलबली मची हुई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमेन ने बुधवार को कहा कि अमित शााह को बांग्लादेश आने और कुछ दिन गुजारने की सलाह दी है।   मोमेन ने कहा, 'ऐतिहासिक रूप से भारत सहिष्णु देश है जो धर्मनिरपेक्षता में भरोसा करता है लेकिन यह छवि कमजोर होगी अगर वे इससे हटेंगे।' उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के मित्रवत संबंध हैं और इसे द्विपक्षीय संबंधों का सुनहरा अध्याय करार दिया जाता है। इसलिए स्वभाविक है कि हमारे लोग (बांग्लादेशी) उम्मीद करते हैं कि भारत ऐसा कुछ नहीं करें जिससे उनमें व्यग्रता पैदा हो। मोमेन ने भारतीय गृहमंत्री द्वारा बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के सताए जाने के आरोप को झूठ करार दिया और कहा कि जिन्होंने भी उन्हें यह सूचना दी वह सही नहीं है।' उन्होंने कहा, 'हमारे देश के कई अहम फैसले विभिन्न धर्मों को मानने वाले लोगों द्वारा लिए जाते हैं... हम किसी का भी आकलन उनके धर्म से नहीं करते।'  मोमेन ने नागरिकता कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दुनिया में बहुत कम ऐसे देश हैं जहां बांग्लादेश जैसी सामाजिक समरसता देखी जा सकती है। यदि वे (अमित शाह) कुछ महीने बांग्लादेश में गुजारें तो वे हमारे देश का सांप्रदायिक सौहार्द्र देख सकते हैं।