बैंक की लाइन में लगे एक और किसान की मौत

लखीमपुर खीरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी के चलते अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो गई। कोई बैंक की भगदड़ में मारा गया तो किसी की बैंक की लाइन में लगे-लगे मौत हो गई। ताजा मामला लखीमपुर खीरी से है जहाँ इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की सिसैया ब्रांच में पैसा निकालने आए अधेड़ किसान की बैंक में ही मौत हो गई। किसान बैंक की लाइन में लगने के लिए रात दो बजे ही घर से बैंक आ गया था। किसान की मौत की जानकारी होते ही विधायक धौराहरा, एसडीएम धौराहरा और सीओ धौराहरा मौके पर पहुंच गए।




गुस्साए परिजनों ने रोड जाम की कोशिश की, मगर पुलिस फोर्स ने आक्रोशित लोगो को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया। धौराहरा कोतवाली क्षेत्र के सिसैया कलां गांव निवासी किसान मेंहदी हसन राइन (53) पुत्र बशीर अहमद ईसानगर थाना क्षेत्र में सिसैया चौराहे पर स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में अपना पैसा निकालने आया था।

मृतक के बेटे नफीस ने बताया कि बैंक में लगने वाली लंबी लाइन के कारण उसके पिता को दस दिनों से भुगतान नहीं मिल पा रहा था, जिस वजह से वह रात दो बजे ही बैंक आए थे। बैंक खुलने के समय करीब 300 लोग लाइन में लगे हुए थे। सुबह करीब सवा ग्यारह बजे मेंहदी हसन का व्रिडाल फार्म पास हो चुका था। सिर्फ पैसा मिलने की देर थी। इसी दौरान मेंहदी हसन अचानक बैंक के भीतर ही गिर गया। लोग कुछ समझ पाते इससे पहले मेंहदी हसन के प्राण पखेरू उड़ चुके थे।




मेंहदी हसन की मौत के बाद शाखा प्रबंधक ने उसके बेटे को चार हजार रुपये का भुगतान अंगूठा लगवाकर कर दिया और शव को बैंक के बाहर कर दिया। सूचना पाकर मृतक किसान के बेटे व अन्य परिजन बैंक पहुंचे और शव को बैंक के सामने रखकर रोड जाम कर प्रदर्शन करने लगे। इसी बीच खबर पाकर विधायक धौराहरा, शमशेर बहादुर, एसडीएम धौराहरा, आलोक वर्मा, सीओ धौराहरा हरीराम वर्मा, और ईसानगर पुिलस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराया और मृतक आश्रितो को उचित मुआवजा दिए जाने का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।