किराना दुकान से जल्द ATM कार्ड के जरिए ले सकेंगे कैश, RBI का नया प्लान

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किराना दुकान से जल्द ATM कार्ड के जरिए ले सकेंगे कैश, RBI का नया प्लान

नई दिल्ली। देश भर में एटीएम की संख्या लगातार घट रही है। कम मुनाफे के चलते बैंक और निजी कंपनियां एटीएम को बंद कर रहे हैं। हालांकि इनमें होने वाले ट्रांजेक्शन की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब चिंता की कोई बात नहीं। आरबीआई द्वारा गठित एक कमेटी ने छोटे शहरों के दुकानदारों (Shopkeepers) से अनुरोध किया है कि वह अपने गल्ले में जमा नगद राशि की ग्राहकों के डिजिटल पेमेंट से अदला बदली का चलन शुरू करें।

Banks Cutting Down Atm Deployment Than Rbi Formed Panel Suggests Roping In Local Retailers To Act As Cash Points Atam :

नंदन नीलकणी की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट के मुताबिक नई व्यवस्था कैश इन कैश आउट (CICO) नेटवर्क कहलाएगा। इसमें लोग अपने नजदीकी रिटेलर से डिजिटल मनी को कैश में बदलवा सकेंगे। कोटक महिंद्रा बैंक के मुख्य डिजिटल अधिकारी ने कहा कि CICO मॉडल कैश आउट सुविधाओं के लिए तीन करोड़ PoS मशीन के रिटेल पॉइंट की जरूरत होगी। और इसमें अहम कड़ी होंगे स्थानीय किराना व्यापारी। वे वित्तीय समावेशन का अगले चरण का नेतृत्व करेंगे।

बीते एक साल में 49 में से 30 बैंकों ने अपने एटीएम की संख्या घटा दी है। RBI डाटा के मुताबिक, देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने करीब 1000 एटीएम बंद कर दिए हैं। इस दौरान, बैंकों ने करीब 6.4 लाख नई PoS मशीनें वितरित की हैं। इसी मशीन के जरिए लोग अपने कार्ड को स्वैप कर दुकानदार से कैश ले सकेंगे। यही नहीं OR कोड और आधार कार्ड के जरिए भी यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसका फायदा दुकानदारों को पीओएस के जरिए होने वाले अन्य भुगतान में सर्विस चार्ज कम करके दिया जा सकता है। समिति ने बैंकों को मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या बैंक को लेन-देन के लिए भुगतान करने की सिफारिश की है।

नई दिल्ली। देश भर में एटीएम की संख्या लगातार घट रही है। कम मुनाफे के चलते बैंक और निजी कंपनियां एटीएम को बंद कर रहे हैं। हालांकि इनमें होने वाले ट्रांजेक्शन की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब चिंता की कोई बात नहीं। आरबीआई द्वारा गठित एक कमेटी ने छोटे शहरों के दुकानदारों (Shopkeepers) से अनुरोध किया है कि वह अपने गल्ले में जमा नगद राशि की ग्राहकों के डिजिटल पेमेंट से अदला बदली का चलन शुरू करें। नंदन नीलकणी की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट के मुताबिक नई व्यवस्था कैश इन कैश आउट (CICO) नेटवर्क कहलाएगा। इसमें लोग अपने नजदीकी रिटेलर से डिजिटल मनी को कैश में बदलवा सकेंगे। कोटक महिंद्रा बैंक के मुख्य डिजिटल अधिकारी ने कहा कि CICO मॉडल कैश आउट सुविधाओं के लिए तीन करोड़ PoS मशीन के रिटेल पॉइंट की जरूरत होगी। और इसमें अहम कड़ी होंगे स्थानीय किराना व्यापारी। वे वित्तीय समावेशन का अगले चरण का नेतृत्व करेंगे। बीते एक साल में 49 में से 30 बैंकों ने अपने एटीएम की संख्या घटा दी है। RBI डाटा के मुताबिक, देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने करीब 1000 एटीएम बंद कर दिए हैं। इस दौरान, बैंकों ने करीब 6.4 लाख नई PoS मशीनें वितरित की हैं। इसी मशीन के जरिए लोग अपने कार्ड को स्वैप कर दुकानदार से कैश ले सकेंगे। यही नहीं OR कोड और आधार कार्ड के जरिए भी यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसका फायदा दुकानदारों को पीओएस के जरिए होने वाले अन्य भुगतान में सर्विस चार्ज कम करके दिया जा सकता है। समिति ने बैंकों को मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या बैंक को लेन-देन के लिए भुगतान करने की सिफारिश की है।