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बापू की 150वीं जयंती : आइये जानते हैं राष्ट्रपिता के चार पुत्रों के बारे में

By बलराम सिंह 
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नई दिल्ली। आज 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती है। इस अवसर पर पूरा देश बापू के जीवन के हर छोटे-बड़े हिस्से को याद कर रहा है। इस बीच बापू के परिवार की भी चर्चा हो रही है। गांधी जी के साथ उनकी पत्नी कस्तूरबा और चार पुत्रों ने भी राष्ट्र की आजादी के लिए अपना भरपूर योगदान दिया। बापू के चारो पुत्रों का जन्म दक्षिण अफ्रीका में ही हुआ था। हरिलाल गांधी, रामदास गांधी, देवदास गांधी और मणिलाल गांधी। आइए जानें गांधी जी के चारों पुत्रों के बारे में।

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हरिलाल गांधी

महात्मा गांधी के सबसे बड़े पुत्र थे हरिलाल गांधी। गांधी जी के बड़े बेटे हरिलाल गांधी का जीवन काफी विवादित रहा। उल्लेखित पत्रों और गांधी जीवन के जानकार विद्वानों के मुताबिक हरिलाल गांधी की अपने पिता से बहुत सी इच्छाएं और अपेक्षाएं थीं जिन पर एक पिता के रूप में बापू खरे नहीं उतरे। गांधी जी के पत्र के अनुसार हरिलाल विदेश जाकर वकालत की पढ़ाई करना चाहते थे और पिता की तरह की बड़ा बैरिस्टर बनने की चाहत रखते थे। लेकिन गांधी जी का मानना था कि विदेश में मिली शिक्षा किसी भी तरह से ब्रिटिश राज को खत्म करने में सहायक नहीं होगी। साथ ही महात्मा गांधी अपने पुत्र के शराब और विलासी जीवन से अत्यन्त दुखी और परेशान रहते थे। 1948 में बापू की मृत्यु से एक महीना पहले ही पुत्र हरिलाल का देहांत हो गया।

मणिलाल गांधी

महात्मा गांधी के दूसरे पुत्र मणिलाल गांधी थे। बड़े पुत्र के स्वभाव से विपरीत मणिलाल एक आज्ञाकारी पु्त्र थे। उन्होंने अपने पिता की विरासत को भली प्रकार से संभाला था। मणिलाल का जन्म 28 अक्टूबर 1892 को हुआ था। मणिलाल ने अपने जीवन के बहुत से साल दक्षिण अफ्रीका में बिताए थे। 1903 में महात्मा गांधी जी के शुरु किए गए अखबार इंडियन ओपिनियन का संचालन करने का काम मणिलाल ने ही किया था। भारतीय और दक्षिण अफ्रीकी लोगों के लिए सरकार की दमनकारी नीति के खिलाफ आवाज उठाई और कई बार जेल भी गए।

रामदास गांधी

गांधी जी के तीसरे पु्त्र थे रामदास गांधी। इनका जन्म 2 जनवरी 1897 को हुआ था। पिता के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लेन के बाद भी इनका अस्तित्व गांधी जी से अलग नहीं हो सका। इनके परिवार में इनकी पत्नी निर्मला और तीन बच्चे थे, सुमित्रा, ऊषा और कनु गांधी। दुर्भाग्य से वर्तमान में इनके परिवार का कोई भी सदस्य जीवित नहीं है। पिता महात्मा गांधी को मुखाग्नि रामदास गांधी ने ही दी।

देवदास गांधी

महात्मा गांधी के चारों पुत्रों में सबसे छोटे थे देवदास गांधी। देवदास का जन्म 22 मई 1900 को हुआ था। वे एक अच्छे पत्रकार थे और उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में कई बार जेल की यात्रा की थी। देवदास का विवाह सी. राजगोपालाचारी की पुत्री लक्ष्मी से हुआ था। जिनसे इन्हें चार बच्चे राजमोहन गांधी, गोपालकृष्ण गांधी, रामचंद्र गांधी और पुत्री तारा गांधी थीं।

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