जहरीली शराब का गढ़ बना यूपी, एक ही परिवार के चार लोगों समेत 10 की मौत

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जहरीली शराब का गढ़ बना यूपी, एक ही परिवार के चार लोगों समेत 10 की मौत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दिनों हुई ऐसी कई घटनाओं में सैकड़ों मौतों के बाद भी जिला प्रशासन और आबकारी विभाग कुंभकरणी नींद सोता रहा। अंजाम ये हुई कि मंगलवार को बाराबंकी जिले में जहरीली शराब ने 10 लोगों को मौत की नींद सुला दी। हर बार की तरह हादसा होने के बाद कार्रवाई का दौर शुरू हुआ और डीजीपी ओपी सिंह ने प्रकरण में जिले के सीओ पवन गौतम और इंस्पेक्टर रामनगर राजेश कुमार को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही मामले में तीन हेड कांस्टेबल और सर्कल के पांच कांस्टेबल को निलंबित किया गया है।

Barabanki 10 People Dead Including Four People From A Family Drinking Indigenous Liquor :

मिली जानकारी के मुताबिक, बाराबंकी के रामनगर थानाक्षेत्र में अलग-अलग इलाकों में जहरीली शराब पीने से एक ही परिवार के चार लोगों समेत दस लोगों की मौत हो गई। यह मौतें रामनगर थानाक्षेत्र के अलग-अलग गांव में हुईं। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने सोमवार की रात रानीगंज कस्बा स्थित दानवीर सिंह की देशी शराब की दुकान से शराब खरीद कर पी थी। देर रात अचानक उनकी तबियत बिगड़ने लगी तो परिजन उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।

मंगलवार की सुबह तक सोनू पुत्र सुरेश (25) निवासी अकोहरा, राजेश पुत्र सालिक राम (35) निवासी देवरिया के अलावा रामेश कुमार पुत्र छोटेलाल (35), सोनू पुत्र छोटे लाल (25), मुकेश पुत्र छोटे लाल (28) के अलावा स्वयं छोटेलाल निवासी रानीगंज की मौत जहरीली शराब से हो गई है।

उधर, बाराबंकी जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी ने अब तक पांच लोगों के मरने की पुष्टि की है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में संवेदना व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इलाके के लोगों का आरोप है कि दानवीर सिंह के ठेके से नकली शराब बनाकर बेची जाती थी। उनका ग्रामीण इलाके में शराब की अवैध फैक्ट्री है। वह यहां पर नकली शराब बनवाकर अपने सरकारी ठेके से बेचते थे।

आपको बता दें कि बीती 11 जनवरी 2018 को बाराबंकी के देवा और रामनगर क्षेत्र में 24 घंटे के अंदर 11 लोगों की मौत हुई थी। सभी को पेट दर्द व उल्टी-दस्त की शिकायत पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रथमदृष्टया मौतों का कारण शराब अथवा स्प्रिट का सेवन बताया जा रहा था।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दिनों हुई ऐसी कई घटनाओं में सैकड़ों मौतों के बाद भी जिला प्रशासन और आबकारी विभाग कुंभकरणी नींद सोता रहा। अंजाम ये हुई कि मंगलवार को बाराबंकी जिले में जहरीली शराब ने 10 लोगों को मौत की नींद सुला दी। हर बार की तरह हादसा होने के बाद कार्रवाई का दौर शुरू हुआ और डीजीपी ओपी सिंह ने प्रकरण में जिले के सीओ पवन गौतम और इंस्पेक्टर रामनगर राजेश कुमार को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही मामले में तीन हेड कांस्टेबल और सर्कल के पांच कांस्टेबल को निलंबित किया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, बाराबंकी के रामनगर थानाक्षेत्र में अलग-अलग इलाकों में जहरीली शराब पीने से एक ही परिवार के चार लोगों समेत दस लोगों की मौत हो गई। यह मौतें रामनगर थानाक्षेत्र के अलग-अलग गांव में हुईं। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने सोमवार की रात रानीगंज कस्बा स्थित दानवीर सिंह की देशी शराब की दुकान से शराब खरीद कर पी थी। देर रात अचानक उनकी तबियत बिगड़ने लगी तो परिजन उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। मंगलवार की सुबह तक सोनू पुत्र सुरेश (25) निवासी अकोहरा, राजेश पुत्र सालिक राम (35) निवासी देवरिया के अलावा रामेश कुमार पुत्र छोटेलाल (35), सोनू पुत्र छोटे लाल (25), मुकेश पुत्र छोटे लाल (28) के अलावा स्वयं छोटेलाल निवासी रानीगंज की मौत जहरीली शराब से हो गई है। उधर, बाराबंकी जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी ने अब तक पांच लोगों के मरने की पुष्टि की है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में संवेदना व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इलाके के लोगों का आरोप है कि दानवीर सिंह के ठेके से नकली शराब बनाकर बेची जाती थी। उनका ग्रामीण इलाके में शराब की अवैध फैक्ट्री है। वह यहां पर नकली शराब बनवाकर अपने सरकारी ठेके से बेचते थे। आपको बता दें कि बीती 11 जनवरी 2018 को बाराबंकी के देवा और रामनगर क्षेत्र में 24 घंटे के अंदर 11 लोगों की मौत हुई थी। सभी को पेट दर्द व उल्टी-दस्त की शिकायत पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रथमदृष्टया मौतों का कारण शराब अथवा स्प्रिट का सेवन बताया जा रहा था।