माँ की दिलेरी से मनचलों के चंगुल से छूटी मेडिकल की छात्रा, पुलिस से लगायी न्याय की गुहार

बाराबंकी: 1090 जैसी सुविधाएँ चला कर सूबे की समाजवादी सरकार महिला उत्पीड़न रोकने का दावा कर अपनी पीठ थपथपाने से नहीं थक रही मगर ज़मीनी सच्चाई कुछ और ही है। महिला उत्पीड़न के दावे की कलाई खोल देने वाला मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से जहाँ एक मेडिकल की पढ़ाई कर रही छात्रा को कालेज से घर वापस लौटते समय कुछ मनचलों ने जबरन अगवा कर लिया और उसके साथ नशे की हालत में जोर जबरदस्ती करने लगे और छात्रा के विरोध करने पर उसे शारीरिक यातनाएं देने लगे। लेकिन छात्रा की सूझबूझ और उसकी माँ की दिलेरी ने मनचलों को भागने पर मजबूर कर दिया । मनचलों के डर से परेशान छात्रा ने पुलिस से मिलकर न्याय की गुहार लगायी है ।




महिला उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सबसे करीबी जिले बाराबंकी के थाना नगर कोतवाली इलाके के दशहराबाग़ कालोनी से। यहाँ की रहने वाली तनु मिश्रा बाराबंकी के सफेदाबाद रेलवे क्रासिंग के नजदीक स्थित मेयो कालेज में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है । पढ़ -लिख कर डॉक्टर बन कर अपने माता- पिता का नाम रौशन करने का सपना अपनी आँखों में सजाने वाली इस छात्रा की आँखों अब दहशत साफ़ -साफ़ देखी जा सकती है । इसके सपने को ग्रहण लगाने का काम किया है कुछ आवारा मनचलों ने। इन मनचलों में छात्रा के मोहल्ले का एक पूर्व परिचित सौरभ वर्मा भी शामिल था।

छात्रा के मुताबिक सौरभ की उससे जान-पहचान थी मगर सौरभ इस छात्रा से एकतरफा प्यार करने लगा। कई बार सौरभ ने इससे अपने साथ शादी करने की बात कही मगर छात्रा ने उसके इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। छात्रा के शादी का प्रस्ताव ठुकरा देने के बाद आये दिन सौरभ उसे राह -चलते परेशान करने लगा। अपने भविष्य के बरबाद होने के डर से छात्रा ने अपने परिवार वालों को इस बारे में कुछ भी नहीं बताया। इससे सौरभ का साहस बढ़ता ही जा रहा था।

छात्रा के मुताबिक वह कल अपने कालेज की पढ़ाई के बाद अपने घर वापस आ रही थी। तभी पहले से घात लगाए सौरभ अपने दो और साथियों के साथ जबरन अपनी कार में घसीट कर बैठा लिया और उसे लखनऊ -फैज़ाबाद हाइवे पर ले जाकर उसके साथ गाड़ी के अन्दर जोर-जबरदस्ती करने लगे। छात्रा के विरोध करने पर मनचलों ने बड़ी ही बेरहमी से उसे शारीरिक यातनाएं देनी शुरू कर दी। छात्रा ने बड़ी ही बुद्धिमानी और दिलेरी से उनकी जोर-जबरदस्ती का विरोध करते हुए अपने मोबाईल फोन से मनचलों की नज़रें बचाते हुए अपनी माँ के नंबर पर फोन कर अपनी लोकेशन बता दी। जैसे ही इन मनचलों को फोन किये जाने का पता चला तो वह उसे मार कर उसकी लाश को बहती हुयी नहर में फेंकने की बात करने लगे।

छात्रा की माँ ने सारा माजरा समझ अपने घर अपनी कार को खुद चलाकर मौके पर पहुँच कर बेटी को मनचलों के हाथों से मुक्त कराया और 100 नम्बर डायल कर इसकी सूचना पुलिस को दी। यह सब इस मनचलों से देखा नहीं गया और उन्होंने माँ -बेटी की गाड़ी का हाइवे पर पीछा कर पूरी दबंगई देखते हुए उनकी गाडी को रोक बदतमीजी पर उतारू हो गए। लेकिन तभी छात्रा की माँ द्वारा 100 नम्बर डायल करना काम आ गया। सामने से आती पुलिस को देख कर मनचले माँ -बेटी को देख लेने की धमकी देकर भाग निकले।

डरी -सहमी माँ -बेटी नगर कोतवाली पहुँच कर तहरीर देते हुए पुलिस को आपबीती सुनाई। पुलिस ने सिर्फ तहरीर लेकर जांच की बात कहते हुए छात्रा और उसके परिजनों को वापस भेज दिया। पुलिस को कुछ ख़ास न करता देख आज छात्रा और उसके परिजन बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगायी है। अपर पुलिस अधीक्षक ने भी उन्हें मुकदमा दर्ज करने का आदेश कर न्याय का भरोसा दिलाया है।