4 साल बाद मिला बरेली की ‘निर्भया’ को न्याय, गैंगरेप और हत्या के 2 दोषियों को फांसी

Bareilly's 'Nirbhaya' gets justice after 4 years
4 साल बाद मिला बरेली की 'निर्भया' को न्याय, गैंगरेप और हत्या के 2 दोषियों को फांसी

बरेली। दिल्ली की निर्भया के साथ दरिंदगी करने वाले चारों दोषियों को आने वाले 22 जनवरी को फांसी होने जा रही है। वहीं इससे ठीक पहले बरेली की निर्भया को भी न्याय मिल गया। बरेली में 29 जनवरी 2016 को 12 वर्षीय बच्ची के साथ दो दरिंदो ने हैवानियत की थी और उसके बाद बच्ची की हत्या कर दी थी। चार साल तक पीड़िता के परिजनो को न्याय के लिए लड़ना पड़ा और आखिरकार आज उन्हे न्याय मिल गया। इस मामले में बरेली कोर्ट ने शुक्रवार को दोनो दोषियों को पॉक्सो ऐक्ट के तहत फांसी की सजा सुनाई है साथ ही 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।

Bareillys Nirbhaya Gets Justice After 4 Years Hangs 2 Convicts Of Gangrape And Murder :

आपको बता दें कि नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव मे रहने वाली किशोरी 29 जनवरी 2016 की शाम अपनी मां के साथ खेत गई थी। मां खेत से घर लौट आई, लेकिन बेटी लापता हो गयी। काफी देर तक घर वालो ने उसकी तलाश की तो उसका खेतों में अर्द्धनग्न अवस्था में शव मिला। किशोरी के साथ दुष्कर्म किया गया था और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गयी थी। बाद में जब पीएम रिपोर्ट आयी तो सबके होश उड़ गये, किशोरी के प्राइवेट पार्ट में लकड़ी का टुकड़ा मिला था और कई चोट के निशान भी थे।

काफी दिनो तक पुलिस छानबीन करती रही पर आरोपियो का कोई सुराग नही लग रहा था। इसी बीच पुलिस को पता चला कि गांव के ही मुरारीलाल व उमाकांत फरार हैं। पुलिस ने 31 जनवरी 2016 को मुरारीलाल व उमाकांत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दोनो ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पीड़ित की दादी, मां के अलावा गांव के 11 लोगों को गवाह बनाया गया और 2017 में पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। तभी से मामला न्यायालय में चल रहा था।

सरकारी वकील सुनीति कुमार पाठक ने बताया कि वर्तमान समय में दोनों अभियुक्त जेल में हैं। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सुनील कुमार यादव ने दोनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट का आदेश आया है कि जबतक मुरालीलाल व उमाकांत की मौत न हो जाये तब तक उन्हे लटकाया जाये। उन्होने बताया कि पीड़ित के माता-पिता की भी यही इच्छा थी उनकी बेटी के दुष्कर्मियों को फांसी की सजा मिले। जब उन्हे शुक्रवार को सजा सुनाई गयी तो उनके चेहरे पर खुशी के आंशू थे।

बरेली। दिल्ली की निर्भया के साथ दरिंदगी करने वाले चारों दोषियों को आने वाले 22 जनवरी को फांसी होने जा रही है। वहीं इससे ठीक पहले बरेली की निर्भया को भी न्याय मिल गया। बरेली में 29 जनवरी 2016 को 12 वर्षीय बच्ची के साथ दो दरिंदो ने हैवानियत की थी और उसके बाद बच्ची की हत्या कर दी थी। चार साल तक पीड़िता के परिजनो को न्याय के लिए लड़ना पड़ा और आखिरकार आज उन्हे न्याय मिल गया। इस मामले में बरेली कोर्ट ने शुक्रवार को दोनो दोषियों को पॉक्सो ऐक्ट के तहत फांसी की सजा सुनाई है साथ ही 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। आपको बता दें कि नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव मे रहने वाली किशोरी 29 जनवरी 2016 की शाम अपनी मां के साथ खेत गई थी। मां खेत से घर लौट आई, लेकिन बेटी लापता हो गयी। काफी देर तक घर वालो ने उसकी तलाश की तो उसका खेतों में अर्द्धनग्न अवस्था में शव मिला। किशोरी के साथ दुष्कर्म किया गया था और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गयी थी। बाद में जब पीएम रिपोर्ट आयी तो सबके होश उड़ गये, किशोरी के प्राइवेट पार्ट में लकड़ी का टुकड़ा मिला था और कई चोट के निशान भी थे। काफी दिनो तक पुलिस छानबीन करती रही पर आरोपियो का कोई सुराग नही लग रहा था। इसी बीच पुलिस को पता चला कि गांव के ही मुरारीलाल व उमाकांत फरार हैं। पुलिस ने 31 जनवरी 2016 को मुरारीलाल व उमाकांत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दोनो ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पीड़ित की दादी, मां के अलावा गांव के 11 लोगों को गवाह बनाया गया और 2017 में पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। तभी से मामला न्यायालय में चल रहा था। सरकारी वकील सुनीति कुमार पाठक ने बताया कि वर्तमान समय में दोनों अभियुक्त जेल में हैं। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सुनील कुमार यादव ने दोनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट का आदेश आया है कि जबतक मुरालीलाल व उमाकांत की मौत न हो जाये तब तक उन्हे लटकाया जाये। उन्होने बताया कि पीड़ित के माता-पिता की भी यही इच्छा थी उनकी बेटी के दुष्कर्मियों को फांसी की सजा मिले। जब उन्हे शुक्रवार को सजा सुनाई गयी तो उनके चेहरे पर खुशी के आंशू थे।