हो जाइए सतर्क अब ये ऑनलाइन शॉपिंग साइट भी चुरा रही है आपका फ़ेसबुक डाटा

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हो जाइए सतर्क अब ये ऑनलाइन शॉपिंग साइट भी चुरा रही है आपका फ़ेसबुक डाटा

नई दिल्ली। डाटा लीक को लेकर फ़ेसबुक एक बार फिर चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, फ़ेसबुक यूजर्स का डाटा अमेज़न क्लाउड के सर्वर पर सार्वजनिक तौर से दिखाई दे रहा है। एक साइबर स्पेस फ़र्म अपगार्ड की रिपोर्ट के अनुसार, फ़ेसबुक के लिए कम करने वाली दो थर्ड पार्टी कंपनियों ने यूजर्स का डाटा अमेज़न के सर्वर पर स्टोर कर दिया है। जिसे पब्लिक आसानी से डाउनलोड कर सकती है।

Be Alert Now Your Facebook Data Is Been Stolen From This Online Shopping Site :

वहीं, दोनों कंपनियों में से एक कंपनी ने 146 गीगाबाइट डेटा एकत्रित किया है, जिसमें यूजर्स आईडी, नाम, पासवर्ड, लाइक्स, कमेंट और रिएक्शन जैसे 54 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा शामिल है। हालाकिं अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि आखिर कितने यूजर्स डेटा इसमें शामिल है। वहीं दूसरे ऐप ने लगभग 22,000 फ़ेसबुक यूजर्स का अनप्रोटेकटेड पासवर्ड और डेटा स्टोर किया है।

दरअसल, अपगार्ड के साइबर रिस्क के डायरेक्टर क्रिस विकरी ने बताया कि ये डेटा फ़ेसबुक इंटीग्रेशन के जरिए एकत्रित किया गया है। फ़ेसबुक थर्ड पार्टी डिवेलपर्स को किसी ऐप या फिर वेबसाइट पर अपने प्लैटफ़ार्म के जरिए साइनइन करने कि अनुमति देती है तो ऐसे में फ़ेसबुक के पास अपने यूजर्स का डेटा सुरक्षित रखने का कोई तरीका नहीं रहता।

साथ ही फ़ेसबुक ने जानकारी दी है ‘अपने यूजर्स का डेटा को पब्लिक प्लैटफ़ार्म पर इकट्ठा करना फ़ेसबुक की पॉलिसी के विरुद्ध है। इस बात का पता लगते ही हमने अमेज़न के साथ मिलकर इस पर कम करना शुरू कर दिया है।’ इस खबर के आते ही फेसबुक के शेयर करीब एक फीसदी तक गिर गए थे। फेसबुक में पहले भी डेटा लीक के मामले सामने आते रहे हैं। मार्च में फेसबुक ने कहा था कि यूजर्स के पासवर्ड प्लेन टैक्स्ट में सेव हो गए थे। जिसे उसके कर्मचारी देख रहे थे।

नई दिल्ली। डाटा लीक को लेकर फ़ेसबुक एक बार फिर चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, फ़ेसबुक यूजर्स का डाटा अमेज़न क्लाउड के सर्वर पर सार्वजनिक तौर से दिखाई दे रहा है। एक साइबर स्पेस फ़र्म अपगार्ड की रिपोर्ट के अनुसार, फ़ेसबुक के लिए कम करने वाली दो थर्ड पार्टी कंपनियों ने यूजर्स का डाटा अमेज़न के सर्वर पर स्टोर कर दिया है। जिसे पब्लिक आसानी से डाउनलोड कर सकती है।

वहीं, दोनों कंपनियों में से एक कंपनी ने 146 गीगाबाइट डेटा एकत्रित किया है, जिसमें यूजर्स आईडी, नाम, पासवर्ड, लाइक्स, कमेंट और रिएक्शन जैसे 54 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा शामिल है। हालाकिं अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि आखिर कितने यूजर्स डेटा इसमें शामिल है। वहीं दूसरे ऐप ने लगभग 22,000 फ़ेसबुक यूजर्स का अनप्रोटेकटेड पासवर्ड और डेटा स्टोर किया है।

दरअसल, अपगार्ड के साइबर रिस्क के डायरेक्टर क्रिस विकरी ने बताया कि ये डेटा फ़ेसबुक इंटीग्रेशन के जरिए एकत्रित किया गया है। फ़ेसबुक थर्ड पार्टी डिवेलपर्स को किसी ऐप या फिर वेबसाइट पर अपने प्लैटफ़ार्म के जरिए साइनइन करने कि अनुमति देती है तो ऐसे में फ़ेसबुक के पास अपने यूजर्स का डेटा सुरक्षित रखने का कोई तरीका नहीं रहता।

साथ ही फ़ेसबुक ने जानकारी दी है 'अपने यूजर्स का डेटा को पब्लिक प्लैटफ़ार्म पर इकट्ठा करना फ़ेसबुक की पॉलिसी के विरुद्ध है। इस बात का पता लगते ही हमने अमेज़न के साथ मिलकर इस पर कम करना शुरू कर दिया है।' इस खबर के आते ही फेसबुक के शेयर करीब एक फीसदी तक गिर गए थे। फेसबुक में पहले भी डेटा लीक के मामले सामने आते रहे हैं। मार्च में फेसबुक ने कहा था कि यूजर्स के पासवर्ड प्लेन टैक्स्ट में सेव हो गए थे। जिसे उसके कर्मचारी देख रहे थे।