अस्पताल हो या बॉर्डर, तैयारी में हम पीछे नहीं रहते : राजनाथ सिंह

rajnath singh
अस्पताल हो या बॉर्डर, तैयारी में हम पीछे नहीं रहते : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में भारत और चीन सेना के बीच हुई ​हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। इस बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सीधे तौर पर चीन को चेतावनी दी है। दिल्ली में एक कोविड सेंटर का जायजा लेने पहुंचे रक्षामंत्री ने कहा कि भारत हर मोर्चे पर तैयार है।

Be It A Hospital Or A Border We Are Not Left Behind In Preparation Rajnath Singh :

दरअसल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए 1,000 बिस्तरों वाले अस्थायी अस्पताल का दौरा करने पहुंचे थे। इस दौरान चीन के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘हम हर मोर्चे के लिए तैयार हैं चाहे वह बॉर्डर हो या फिर अस्पताल, तैयारी में हम कभी पीछे नहीं रहते।’

वहीं अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी के साथ 250 आईसीयू बिस्तर समेत 1,000 बिस्तर के अस्पताल का दौरा, जिसे डीआरडीओ तथा टाटा सन्स ने रिकॉर्ड वक्त में बनाया है।’ यह अस्पताल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास रक्षा मंत्रालय की जमीन पर महज 11 दिन के भीतर बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस अस्पताल के आईसीयू में 250 बिस्तर हैं।

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में भारत और चीन सेना के बीच हुई ​हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। इस बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सीधे तौर पर चीन को चेतावनी दी है। दिल्ली में एक कोविड सेंटर का जायजा लेने पहुंचे रक्षामंत्री ने कहा कि भारत हर मोर्चे पर तैयार है। दरअसल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए 1,000 बिस्तरों वाले अस्थायी अस्पताल का दौरा करने पहुंचे थे। इस दौरान चीन के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि 'हम हर मोर्चे के लिए तैयार हैं चाहे वह बॉर्डर हो या फिर अस्पताल, तैयारी में हम कभी पीछे नहीं रहते।' वहीं अमित शाह ने ट्वीट किया, 'रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी के साथ 250 आईसीयू बिस्तर समेत 1,000 बिस्तर के अस्पताल का दौरा, जिसे डीआरडीओ तथा टाटा सन्स ने रिकॉर्ड वक्त में बनाया है।' यह अस्पताल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास रक्षा मंत्रालय की जमीन पर महज 11 दिन के भीतर बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस अस्पताल के आईसीयू में 250 बिस्तर हैं।