घर के मंदिर में इस वजह से नहीं रखते हैं शनिदेव की मूर्ति

sa899

नई दिल्ली: पौराणिक काल से ही हिन्दू धर्म में पूजा पाठ को काफी ज्यादा महत्त्व दिया जाता रहा है, भगवान की पूजा सिर्फ भाग्योदय या फिर धन प्राप्ति के लिए ही नहीं किया जाता है वरन मन की शांति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के लिए भी ईश्वर का ध्यान लगाया जाता हैं। हालाँकि आपकी जानाकरी के लिए यह भी बता दें की सनातन धर्म के अनुसार कुक ऐसी बातें भी बताई गयी है जिनका पूजा पाठ करने के दौरान बहुत ही खास ध्यान रखना होता है।

Because Of This We Do Not Keep The Idol Of Shani Dev In The Home Temple :

यह तो हम सभी जानते हैं की भगवान् की आराधना करने के लिए हम अपने घरों के मंदिर में देवी-देवताओं की प्रतिमा रखकर उनकी पूजा करते है। ऐसे में मंदिर में कई तरह के देवी देवता आदि की प्रतिमा होती है मगर क्या आपने कभी किसी भी घर के मंदिर में शनि देव की कोई प्रतिमा देखी है। यक़ीनन नहीं ही देखी होगी, इसके पीछे क्या वजह है आज हम आपको बताएँगे।

हमारे समाज में शनिवदेव को लेकर एक अलग तरह का भय व्याप्त है। यह कहना अनुचित नहीं होगा कि शनिदेव की पूजा अधिकांश लोग भय के कारण करते हैं। अन्य किसी देवी-देवता में लोगों की आस्था होती है लेकिन देखा गया है कि शनिवदेव को लेकर एक तरह से वे भयभीत रहते हैं। लेकिन आपको यह नहीं पता हेागा कि जो लोग बड़ों का और खासतौर पर अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं, शनिदेव उन लोगों पर प्रसन्न रहते हैं।

आपकी जानकरी के लिए बताते चलें कि हमारे शास्त्रों और पुराणों के अनुसार बताया गया हुई कि कभी भी घर के मंदिर में शनिदेव की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान शनि को इस बात का श्राप मिला हुआ है कि वो जिस भी किसी को देखेंगे उसका अनिष्ट या बुरा होगा। ऐसे में घर के अन्दर शनिदेव की प्रतिमा को रखना खुद की परिशानियों को बढ़ाने जैसा है। हालाँकि अगर आप शनि भगवान् की पूजा करना चाहते हैं तो आप घर के बाहर किसी मंदिर में ही करें ऐसा करने का ही विधान बताया गया है।

बताया जाता है की यदि आप किसी मंदिर में शनिदेव के दर्शन करने के लिए जाते हैं तो उस दौरान आप कभी भी उनके पैरों की तरफ देखें ना बल्कि आप आंखों में आंख डाल कर उनका दर्शन करें। इसके अलावा अगर आप अपने घर में ही ऐसे में यदि आप घर में शनि देव की पूजा करना चाहते हैं तो उनका मन में स्मरण करें। साथ ही शनिवार को हनुमान जी की भी पूजा करें और शनिदेव को भी याद करें। इससे भी शनि प्रसन्न होते हैं।

जानकरी के लिए बता दें की सिर्फ शनिदेव ही नहीं बल्कि उनके अलावा घर में राहु-केतु, भैरव और नटराज की मूर्तियों को भी नहीं रखा जाता है। इनकी भी आराधना घर के बाहर की जाती है। हालांकि आप घर पर रहते हुए अपने मन में इनका ध्यान कर सकते हैं।

नई दिल्ली: पौराणिक काल से ही हिन्दू धर्म में पूजा पाठ को काफी ज्यादा महत्त्व दिया जाता रहा है, भगवान की पूजा सिर्फ भाग्योदय या फिर धन प्राप्ति के लिए ही नहीं किया जाता है वरन मन की शांति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के लिए भी ईश्वर का ध्यान लगाया जाता हैं। हालाँकि आपकी जानाकरी के लिए यह भी बता दें की सनातन धर्म के अनुसार कुक ऐसी बातें भी बताई गयी है जिनका पूजा पाठ करने के दौरान बहुत ही खास ध्यान रखना होता है।

यह तो हम सभी जानते हैं की भगवान् की आराधना करने के लिए हम अपने घरों के मंदिर में देवी-देवताओं की प्रतिमा रखकर उनकी पूजा करते है। ऐसे में मंदिर में कई तरह के देवी देवता आदि की प्रतिमा होती है मगर क्या आपने कभी किसी भी घर के मंदिर में शनि देव की कोई प्रतिमा देखी है। यक़ीनन नहीं ही देखी होगी, इसके पीछे क्या वजह है आज हम आपको बताएँगे।

हमारे समाज में शनिवदेव को लेकर एक अलग तरह का भय व्याप्त है। यह कहना अनुचित नहीं होगा कि शनिदेव की पूजा अधिकांश लोग भय के कारण करते हैं। अन्य किसी देवी-देवता में लोगों की आस्था होती है लेकिन देखा गया है कि शनिवदेव को लेकर एक तरह से वे भयभीत रहते हैं। लेकिन आपको यह नहीं पता हेागा कि जो लोग बड़ों का और खासतौर पर अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं, शनिदेव उन लोगों पर प्रसन्न रहते हैं।

आपकी जानकरी के लिए बताते चलें कि हमारे शास्त्रों और पुराणों के अनुसार बताया गया हुई कि कभी भी घर के मंदिर में शनिदेव की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान शनि को इस बात का श्राप मिला हुआ है कि वो जिस भी किसी को देखेंगे उसका अनिष्ट या बुरा होगा। ऐसे में घर के अन्दर शनिदेव की प्रतिमा को रखना खुद की परिशानियों को बढ़ाने जैसा है। हालाँकि अगर आप शनि भगवान् की पूजा करना चाहते हैं तो आप घर के बाहर किसी मंदिर में ही करें ऐसा करने का ही विधान बताया गया है।

बताया जाता है की यदि आप किसी मंदिर में शनिदेव के दर्शन करने के लिए जाते हैं तो उस दौरान आप कभी भी उनके पैरों की तरफ देखें ना बल्कि आप आंखों में आंख डाल कर उनका दर्शन करें। इसके अलावा अगर आप अपने घर में ही ऐसे में यदि आप घर में शनि देव की पूजा करना चाहते हैं तो उनका मन में स्मरण करें। साथ ही शनिवार को हनुमान जी की भी पूजा करें और शनिदेव को भी याद करें। इससे भी शनि प्रसन्न होते हैं।

जानकरी के लिए बता दें की सिर्फ शनिदेव ही नहीं बल्कि उनके अलावा घर में राहु-केतु, भैरव और नटराज की मूर्तियों को भी नहीं रखा जाता है। इनकी भी आराधना घर के बाहर की जाती है। हालांकि आप घर पर रहते हुए अपने मन में इनका ध्यान कर सकते हैं।