बीयर बनाने के लिए लिया जा रहा है इंसानों के पेशाब का सहारा

नई दिल्ली। शराब बनाने वाली एक डेनिश कंपनी ने एक नई बीयर बनाई है। जिसका नाम पिसनर है। इसे बनाने के लिए एक म्यूजिक फेस्टिवल से 50 हजार लीटर पेशाब इकट्ठी की गई थी।शराब बनाने वाली कंपनी नोरब्रो का कहना है कि फाइनल प्रोडक्ट में कोई भी मानवीय अपशिष्ट नहीं है। इसके उत्पादन में खाद के रूप में इंसानों के पेशाब का उपयोग किया गया था। सामान्य तौर पर खाद के रूप में जानवरों के गोबर या फैक्ट्री में बने उवर्रक का इस्तेमाल किया जाता है।



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Beear Bnane Ke Kiye Liya Ja Rha Hai Insano Ke Peshab Ka Sahara :

दरअसल, पेशाब को बीयर बनाने की प्रक्रिया में शामिल करने वाली मशीन मौजूद है। बेल्जियम यूनिवर्सिटी की एक टीम ने पिछले साल कहा था कि उन्होंने एक मशीन बनाई है, जो पेशाब को पेय जल और उवर्रक में तब्दील कर देती है। इस तकनीक का इस्तेमाल ग्रामीण इलाको और विकाशील देशों में किया जा रहा है।

नई दिल्ली। शराब बनाने वाली एक डेनिश कंपनी ने एक नई बीयर बनाई है। जिसका नाम पिसनर है। इसे बनाने के लिए एक म्यूजिक फेस्टिवल से 50 हजार लीटर पेशाब इकट्ठी की गई थी।शराब बनाने वाली कंपनी नोरब्रो का कहना है कि फाइनल प्रोडक्ट में कोई भी मानवीय अपशिष्ट नहीं है। इसके उत्पादन में खाद के रूप में इंसानों के पेशाब का उपयोग किया गया था। सामान्य तौर पर खाद के रूप में जानवरों के गोबर या फैक्ट्री में बने उवर्रक का इस्तेमाल किया जाता है। /*]]>*/ दरअसल, पेशाब को बीयर बनाने की प्रक्रिया में शामिल करने वाली मशीन मौजूद है। बेल्जियम यूनिवर्सिटी की एक टीम ने पिछले साल कहा था कि उन्होंने एक मशीन बनाई है, जो पेशाब को पेय जल और उवर्रक में तब्दील कर देती है। इस तकनीक का इस्तेमाल ग्रामीण इलाको और विकाशील देशों में किया जा रहा है।