महाराष्ट्र : बीयर की बोतलों से चोक हुई नालियां,विधानसभा कार्रवाई स्थगित

beer bottle and plastic
महाराष्ट्र : की बोतलों से चोक हुई नालियां,विधानसभा कार्रवाई स्थगित

महाराष्ट्र। मुंबई में भारी बारिश के चलते जीवर पूरी तरह अस्त—व्यस्त है। यही नही विधानसभा के अंदर भारी जलभराव और अंधेरे के चलते मानसून सत्र ठीक तरह से नही चल पा रहा है। यहां सरकार के शर्मिंदगी की एक और जो वजह थी वो ये कि बीयर की बोतलों और प्लास्टिक थैलियों की वजह से नालियां जाम हो गई थी, जिसकी वजह से अंदर का पानी बाहर नही निकल सका।जिसके बाद तुरन्त नालियों की सफाई करवाई गई, तब जाकर अंदर जमा हुआ पानी बाहर निकल सका।

Beer Bottle And Plastic Choked Drain Im Maharastra Vidhansabha :

बता दें कि विधानसभा और विधान परिषद की सुबह बैठक 6 जुलाई को शुरू होने के कुछ ही देर बाद अंधेरे की वजह से कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। शहर में भारी बारिश के चलते स्विंचिंग केंद्र में पानी भरने के कारण बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। यहां पांच तारीख को भारी बारिश हुई थी और जब 6 तारीख की सुबह 10 बजे जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सदन में पूरी तरह अंधेरा पसरा था। जिसकों देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

रिपोर्ट के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे ने अपनी निगरानी में नालियों की सफाई करवाई। नालियों से भारी मात्रा में बीयर की बोतलें और प्लास्टिक निकलवाई गई । ताकि ओवरफ्लो हुआ पानी स्विचिंग रूम तक ना पहुंचे। बता दें कि नागपुर में साल 1961 में बिजली की समस्या की वजह से सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ गया था।

महाराष्ट्र। मुंबई में भारी बारिश के चलते जीवर पूरी तरह अस्त—व्यस्त है। यही नही विधानसभा के अंदर भारी जलभराव और अंधेरे के चलते मानसून सत्र ठीक तरह से नही चल पा रहा है। यहां सरकार के शर्मिंदगी की एक और जो वजह थी वो ये कि बीयर की बोतलों और प्लास्टिक थैलियों की वजह से नालियां जाम हो गई थी, जिसकी वजह से अंदर का पानी बाहर नही निकल सका।जिसके बाद तुरन्त नालियों की सफाई करवाई गई, तब जाकर अंदर जमा हुआ पानी बाहर निकल सका।बता दें कि विधानसभा और विधान परिषद की सुबह बैठक 6 जुलाई को शुरू होने के कुछ ही देर बाद अंधेरे की वजह से कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। शहर में भारी बारिश के चलते स्विंचिंग केंद्र में पानी भरने के कारण बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। यहां पांच तारीख को भारी बारिश हुई थी और जब 6 तारीख की सुबह 10 बजे जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सदन में पूरी तरह अंधेरा पसरा था। जिसकों देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।रिपोर्ट के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे ने अपनी निगरानी में नालियों की सफाई करवाई। नालियों से भारी मात्रा में बीयर की बोतलें और प्लास्टिक निकलवाई गई । ताकि ओवरफ्लो हुआ पानी स्विचिंग रूम तक ना पहुंचे। बता दें कि नागपुर में साल 1961 में बिजली की समस्या की वजह से सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ गया था।