चीनी सेना के पीछे हटने से पहले अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री के बीच हुई थी बात

ajeet
चीनी सेना के पीछे हटने से पहले अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री के बीच हुई थी बात

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव को कम करने की कोशिश की जा रही है। एलएसी पर इसका असर दिखना शुरू हो गया है। चीनी सेना गलवान घाटी से करीब दो किमी. पीछे चली गयी है। इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की बड़ी रणनीति काम आयी।

Before The Retreat Of The Chinese Army There Was Talk Between Ajit Doval And Chinese Foreign Minister :

बता दें कि, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने रविवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बात की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच ये सहमति बन पाई है। वांग ली ही चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी हैं। भारत और चीन के बीच लंबे वक्त से सीमा विवाद चल रहा है।

इसे सुलझाने के लिए दोनों देशों की ओर से प्रतिनिधि तय किए गए हैं, भारत की ओर से अजित डोभाल ही स्थाई प्रतिनिधि हैं। अजित डोभाल ने अपने समकक्ष से बॉर्डर पर शांति स्थापित करने को लेकर बात की और आगे साथ में काम करने पर मंथन किया।

दोनों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं ना हों। इसके अलावा बॉर्डर पर फेज़ वाइज़ सेना के पीछे हटने पर भी सहमति बनी है। साथ ही दोनों पक्ष लगातार बॉर्डर को लेकर जो विवाद जारी है, उसपर बातचीत चलती रहेगी।

 

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव को कम करने की कोशिश की जा रही है। एलएसी पर इसका असर दिखना शुरू हो गया है। चीनी सेना गलवान घाटी से करीब दो किमी. पीछे चली गयी है। इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की बड़ी रणनीति काम आयी। बता दें कि, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने रविवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बात की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच ये सहमति बन पाई है। वांग ली ही चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी हैं। भारत और चीन के बीच लंबे वक्त से सीमा विवाद चल रहा है। इसे सुलझाने के लिए दोनों देशों की ओर से प्रतिनिधि तय किए गए हैं, भारत की ओर से अजित डोभाल ही स्थाई प्रतिनिधि हैं। अजित डोभाल ने अपने समकक्ष से बॉर्डर पर शांति स्थापित करने को लेकर बात की और आगे साथ में काम करने पर मंथन किया। दोनों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं ना हों। इसके अलावा बॉर्डर पर फेज़ वाइज़ सेना के पीछे हटने पर भी सहमति बनी है। साथ ही दोनों पक्ष लगातार बॉर्डर को लेकर जो विवाद जारी है, उसपर बातचीत चलती रहेगी।