दिक्कतें जरूर लेकिन आने वाले दिनों में होगा नोट बंदी का बड़ा फायदा

लखनऊ। नोट बंदी का व्यापक असर इस वक्त बैंकों और एटीएम के बाहर लगी लाइन के तहत नकारात्मक अंदाज में देखा और प्रचारित किया जा रहा है। मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 500 और 1000 रुपए के नोट पर जिस तरह से पाबंदी लगाकर भ्रष्टाचार के दम पर जमा किए गए अकूत कालेधन को तबाह किया है वह काफी सराहनीय है। इस फैसले का व्यापक असर अभी नहीं आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार पर भी देखने को मिलेगा। इससे भारतीय मुद्रा का विदेशों में प्रभुत्व और बढ़ जाएगा।




नोट बंदी से काले धन की समस्या एक झटके में समाप्त हुई। दीवारों, बेड, बोरियों में भरे भरे ही समस्त काला धन अपने आप ही रद्दी हो गया। कोई छापा नहीं मारना पड़ा। कोई पूछताछ नहीं हुई। एक बार इतना तगड़ा झटका लगने के बाद भविष्य में भी दशकों तक लोग काला धन जमा करने की सोचेंगे भी नहीं। काला धन खपाने का दूसरा बड़ा ठिकाना जमीन-जायदाद थी। अब काला धन ही नहीं बचा तो जमीन – जायदाद को खरीदने का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जायेगा। अब लोग केवल अपने रहने के लिए ही घर खरीदेंगे। जिससे सभी को रहने को कम कीमत पर घर उपलब्ध होंगे। काला बाजारी और जमाखोरी के लिए साधारणतया काला धन ही उपयोग होता था। अब काला धन ही नहीं बचा तो लोग काला बाजारी और जमाखोरी के लिए धन कहाँ से लायेंगे ?

2014 में सरकार बनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने संकेत दे दिया था कि काला धन रखने वालों के अच्छे दिन अब खत्म होने वाले हैं। ब्लैक मनी पर लगाम लगने के लिए स्विट्जरलैंड, मॉरिशस जैसे देशों से अहम समझौते किए गए। 500-1000 के नोटों पर पाबंदी लगने से देश में कैश के रूप में जमा काला धन कागज के टुकड़ों के समान हो गया है। यही वजह है कि कहीं नदी में पैसे मिल रहे हैं तो कहीं जलाए जा रहे हैं। नोट बदलने से नकली नोटों की समस्या से निपटा जा सकता है क्योंकि नए नोटों की सीरीज में सिक्योरिटी फीचर ज्यादा हैं जिनकी कॉपी करना पाक या किसी भी दूसरे देश के लिए बेहद मुश्किल होगा।




500-100 के नोटों पर पाबंदी से आतंकवाद के वित्तीय स्त्रोत पर भी चोट लगेगी। नकली नोट रद्दी हो गए, अवैध रूप से जमा कैश बेकार हो गया। आतंकी संगठनों में अवैध रूप से प्रयुक्त हो रही भारतीय मुद्रा पर लगाम लगेगी। पाक से नेपाल और बांग्लादेश के रास्ते भारत आ रहे नकली नोटों का प्रयोग ही देश विरोधी गतिविधियों में किया जाता है। इसलिए नए नोट आतंकवाद पर भी लगाम लगाएंगे। जब से नए नोट बंद हुए हैं, हवाला कारोबार ठप पड़ गया है क्योंकि ये पूरा कारोबार कैश में ही होता है। देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से ये कैश हवाला के जरिए ही पहुंचाया जाता है। इसमें टैक्स की भी चोरी होती है और पहले से ज्यादा ब्लैक मनी जेनरेट होती है। नोटबंदी से इस अवैध कारोबार पर भी लगाम लगेगी।

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