घर में शंख बजाने के क्या लाभ होते हैं?

शंख वादन के लाभ, घर में शंख बजाने से क्या होता है, शंख बजाने से मिलने वाले फायदे, शंख की भस्म, शंख का पानी, शंख के पानी से देवी लक्ष्मी का अभिषेक, शंख की महत्वता, पूजा में शंक का महत्व हिन्दू धर्म में पूजा पाठ आदि के कार्यों में कुछ विशेष चीजों और समाग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हीं में से एक है शंख जिसका प्रयोग पूजा पाठ के हर कार्य में करना अनिवार्य होता है। देश के कई भागों में लोग शंख को अपने पूजाघर में रखते है और विशेष अवसरों पर इसका वादन भी करते है।

माना जाता है दिन की शुरुवात यदि शंख की ध्वनि से हो तो पूरा दिन मंगलमय रहता है। मंदिरों और घरों आदि में अक्सर सुबह की पूजा के समय इसकी धवनि सुनने को मिल ही जाती है। लेकिन आजके समय में बहुत ही कम लोग है जो इसकी महत्वता और प्रयोग के लाभों को जानते है। जिसके कारण दिनों दिन इसकी लोकप्रियता कम होती जा रही है।

क्या अपने कभी सोचा है की किसी भी महत्वपूर्ण कार्य या शुभ कार्य की शुरुआत शंख बजाकर ही क्यों की जाती है? शायद नहीं, क्योंकि पूजा आदि कार्यों में इसका प्रयोग करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी ये बहुत लाभकारी होता है। इसके वादन से घर की नेगेटिव ऊर्जा समाप्त होती है और वातवरण में पॉजिटिव ऊर्जा का संचार होता है जिससे घर शुद्ध भी होता है।

घर में शंख वादन करने के फायदे :-

1. लक्ष्मी का वास :

माना जाता है जिस घर में शंख वादन किया जाता है या उसे पूजाघर में रखा जाता है उस घर में माँ लक्ष्मी की कृपा सैदव बनी रहती है। क्योंकि शंख सागर से निकलता है और माँ लक्ष्मी भी सागर मंथन से ही निकली थी जिसके कारण शंख को माँ लक्ष्मी का भाई माना जाता है। मान्यता ये है भी की शंख उन 14 रत्नों में से एक है जो समुद्रमंथन से निकले थे।

2. भगवान विष्णु की कृपा :

क्या आपने कभी भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर को ध्यान से देखा है। अगर हां तो आपको पता होगा की उन दोनों ने आपने हाथों में शंख धारण किया हुआ है। इसीलिए हिन्दू धर्म में इसकी महत्वता और भी बढ़ जाती है। माना जाता है इसे घर में रखने में देवी देवताओं की कृपा सैदव बनी रहती है।

3. वाणी :

शंख से निकली वाणी बहुत मधुर और मीठी होती है। इसीलिए मंदिरों और घरों में पूजा पाठ आदि कार्यों में इसे बजाया जाता है। इसकी ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और मन में अच्छे विचारों का आगमन होता है। वैज्ञानिकों ने भी शंख की ध्वनि पर रीसर्च किया था जिसमे पाया गया की शंख की ध्वनि से वातावरण में मौजूद सभी सुखम जीवाणु और कीटाणु समाप्त हो जाते है। वास्तुशास्त्र के अनुसार शंख वादन करने से धरती माता प्रसन्न होती है और साथ ही फल भी प्रदान करती है। शंख बजाने से घर का वातावरण भी सुखमय होता है और पॉजिटिव एनर्जी का संचार होता है।

4. अभिषेक :

मान्यता है, अगर शंख में जल भरकर उससे माता लक्ष्मी का अभिषेक किया जाए तो उससे उनकी कृपा जरूर मिलती है। इसीलिए शंख के जल को कभी फेंकना नहीं चाहिए। आप इसका इस्तेमाल किसी सही जगह कर सकते है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार इस जल को घर में छिड़कने से वातावरण भी शुद्ध होता है।

5. पूजा :

शंख की ध्वनि में एक ऐसी चुंबक होती है जो मनुष्य को प्रभु की भक्ति की और खींच ले आती है। और व्यक्ति का मन आपने आप ही प्रभु की आराधना में लगने लगता है। एक मान्यता के अनुसार घर में शंख की पूजा करने से बुरी आत्माएं परेशान नहीं करती और हमारे आस पास भी नहीं भटकती। इसके अलावा शंख की पूजा करने से इच्छित फल की प्राप्ति भी होती है।