बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना मोदी सरकार के लिए बनी सिरदर्द, मंत्रालय ने जारी की चेतावनी

Beti-Bachao
बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ योजना मोदी सरकार के लिए बनी सिरदर्द, मंत्रालय ने जारी की चेतावनी

Beti Bachao Beti Padho Scheme Becomes Headache For Modi Government

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के लिए सिरदर्द बन रही है। मंत्रालय ने मंगलवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजना के अंतर्गत किसी तरह की आर्थिक सहायता का प्रावधान नहीं है। कुछ लोग झूठा प्रचार कर लोगों को प्रत्यक्ष लाभ के लिए आवेदन करवा रहे हैं। इन आवेदनों को मंत्रालय द्वारा नष्ट किया जा रहा है। इस योजना के तहत इस तरह की कोई  प्रवधान नहीं है जिसमें नगद सहायता दी जाती हो।

मंत्रालय के मुताबिक वर्ष 2017 के शुरूआत से भ्रामक प्रचार का शिकार बनी लाखों लड़कियां और महिलाएं प्रत्यक्ष लाभ के लिए मंत्रालय को आवेदन भेज रहीं हैं। इन आवेदनो में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर केन्द्र सरकार की ओर से नकद राशि दिए जाने का झूठा प्रलोभन दिया गया है। फर्जी आवेदन पत्र को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी नहीं किया है।

मंत्रालय ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत रूप से नकद रूपए देने का कोई प्रावधान नहीं है। बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना  सामाजिक प्रणाली में चुनौतीपूर्ण विचार धाराओं और पितृसत्ता की गहरी जड़ों पर प्रहार करने और बालिकाओं की शिक्षा को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करती है। इसके अलावा इसमें जीवन चक्र की निरंतरता में महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। यह प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना नहीं है।

योजना को जिलो में जिलाधीश/ जिला मजिस्ट्रेट /जिला आयुक्त कार्यालय द्वारा लागू किया जाता है और अधिकृत मीडिया एंजेसियों इसका प्रचार-प्रसार किया जाता है।

कहां से शुरू हुआ भ्रामक प्रचार —

बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के नाम इन फर्जी आवेदनो को शरारती तत्वों द्वारा सबसे पहले उत्तरप्रदेश में शुरू किया गया। इसके बाद फर्जी आवेदन पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उतराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली से भी प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और केरल में भी इस संबध में कुछ मामले दर्ज किए गए। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को पंजीकृत डाक द्वारा इस फर्जी योजना से जुडे लाखों आवेदन प्राप्त हुए हैं।

इस संबंध में प्रभावित राज्यों के अधिकारियों से इसकी जांच करने के लिए कहा गया था। मंत्रालय ने इस असामाजिक गतिविधि के खिलाफ सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही लोगो को प्रिंट मीडिया,टेलीविजन,रेडियो, सोशल मीडिया, मंत्रालय की वेबसाइट और डाकघरों के जरिए ऐसी भ्रामक और झूठी सूचना के झांसे में न आने की सलाह दी है। राज्य सरकारों ने अपने विभागो और स्थानीय मीडिया द्वारा इस संबंध में कार्यवाही की है और कई बार चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद भी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर फर्जी आवेदन मिलने का सिलसिला जारी है।

इस सन्दर्भ में महिला विकास एवं बाल विकास मंत्रालय ने अब ऐसे किसी भी झूठे और अवैध आवेदन को बिना किसी पूर्व सूचना के नष्ट करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है और इसे मंत्रालय की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आम जनता को आगाह किया है कि वो किसी ऐसी भ्रामक आवेदन के झांसे में न आए और अपने समय और संसाधनो को नष्ट न करें।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के लिए सिरदर्द बन रही है। मंत्रालय ने मंगलवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजना के अंतर्गत किसी तरह की आर्थिक सहायता का प्रावधान नहीं है। कुछ लोग झूठा प्रचार कर लोगों को प्रत्यक्ष लाभ के लिए आवेदन करवा रहे हैं। इन आवेदनों को मंत्रालय द्वारा नष्ट किया जा रहा है। इस…