दूसरे लड़के से नजदीकी के चलते सनकी आशिक ने अंजली को उतारा मौत के घाट

नोएडा। पिछले महीने नोएडा के सेक्टर-62 में रहने वाली इंजीनियर अंजली राठौर की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का दावा है, मोबाइल कंपनी में काम करने वाला अश्वनी यादव कॉलेज के दौरान अंजली से दोस्ती की और नज़दीकियां बढ्ने लगी, कुछ समय बाद अंजली को अश्वनी के बारे पता चला कि वह आवारा किस्म का है। धीरे-धीरे अंजली उससे किनारा करने लगी और उसकी दोस्ती किसी और से हो गयी। यह बात अश्वनी को नागवार गुज़री। इसी बात के चलते आरोपी अश्वनी ने अंजली की गोली मार कर हत्या कर दी।




इंस्पेक्टर दानिश सिंह विष्ट ने बताया, आरोपी को मैनपुरी से गिरफ्तार कर लिया गया है। अश्वनी और अंजली ने एक साथ कॉलेज में पढ़ाई की और दोनों की 2012 में अच्छी दोस्ती हो गयी। कुछ दिन बाद दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और बातचीत कम होने लगी। अंजली की दोस्ती किसी और से हो रही थी यह बात अश्वनी को बर्दाश्त नहीं हुई। इसी कारण से आरोपी अश्वनी ने अंजली को गोली मार दी। अश्वनी ने पुलिस को बताया कि वह तो खुद को भी गोली मारना चाहता था लेकिन किसी वजह से गोली नहीं चली। गोली की आवाज सुनकर वहां पर लोग आने लगे। फौरन वह वहां से चला गया।




इंस्पेक्टर का कहना है कि दोनों एक ही यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे। बीबीए करते हुए अश्वनी की दोस्ती बीटेक की स्टूडेंट्स अंजली से हो गई। कॉल डिटेल में यह सामने आया कि दोनों में काफी देर बातें होती थी। जब अंजलि को पता चला कि आरोपी अश्वनी आवारा किस्म का है वह कुछ काम नहीं करता है तो वह उससे दोस्ती नहीं रखना चाहती थी। इसी बात को लेकर दोनों में काफी कहासुनी हुई और अश्वनी को इस बात पर शक होने लगा कि अंजली किसी दूसरे लड़के से दोस्ती हो गयी है और उससे काफी बाते होती है। इसी वजह से आरोपी ने उसकी हत्या कर दी।

मामले में अंजली के पिता तेजपाल का कहना है कि इसमें उनकी बेटी का कोई दोष नहीं है। वे चाहते हैं कि आरोपी को जल्द से जल्द फांसी की सजा मिले। पिता के आंसू नहीं रुक रहे हैं। पिता ने आगे कहा कि अंजली को अश्वनी परेशान करता रहा होगा वह अंजली से दोस्ती के लायक था ही नहीं इसीलिए अंजली ने खुद को उससे दूर कर लिया।

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