भारत की इस मिसाइल से तबाह हो जाएगा समूचा चीन: अमेरिका का दावा

Bhaarat Ke Is Misail Se Tabaah Ho Jaega Poora Cheen Amerika Ka Daava

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव जारी है। हालात को देखते हुए युद्ध की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि युद्ध होगा तो कौन किस पर भारी पड़ेगा, क्या भारत चीन का मुक़ाबला कर पाएगा। वर्तमान हालात 1962 से से अगल है, चीन की नज़रों में भारत की वही पुरानी छवि है या फिर उसमे बदलाव आया है। ये सारे सवाल है जिसपर दुनिया नज़रे गड़ाए हुए है। इन सब पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने एक रिपोर्ट जारी किया है, जो चीन के लिए चिंताजनक हो सकती है। अमेरिका के दो टॉप न्यूक्लियर एक्सपर्ट का कहना है कि भारत लगातार अपने परमाणु शस्त्रागार में आधुनिकता ला रहा है ताकि वह चीन और पाकिस्तान पर नजर रख सके। डिजिटल जरनल After Midnight में छपे एक आर्टिकल के मुताबिक, भारत ऐसी मिसाइल बना रहा है जिसकी जद में पूरा चीन होगा। इस मिसाइल का बेस दक्षिण भारत में होगा और चीन को यहीं से निशाना बनाया जा सकेगा।

इस आर्टिकल का नाम “इंडियन न्यूक्लियर फोर्सेज 2017” था, जिसमें में न्यूक्लियर एक्सपर्ट हंस एम क्रिस्टेंस और रॉबर्ट एस नॉरिस ने लिखा, “भारत के पास 150-200 परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त प्लूटोनियम मौजूद है, लेकिन वह 120-130 ही बनाएगा।” रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के पास 600 किलोग्राम प्लूटोनियम मौजूद है, जिसके जरिए 150-200 न्यूक्लियर वॉरहेड्स बनाए जा सकते हैं। हालांकि भारत पूरे प्लूटोनियम का इस्तेमाल न्यूक्लियर वॉरहेड्स बनाने में नहीं करेगा।

भारत के इस मिसाइल से तबाह हो जाएगा पूरा चीन

क्रिस्टेंस और नॉरिस ने कहा कि अग्नी-1 मिसाइल का अगला प्रारुप टू-स्टेज, सॉलिड फ्यूल Agni-2 मिसाइल 2000 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक न्यूक्लियर ले जा सकती है। इसके जरिए पश्चिमी, सेंट्रल और दक्षिणी चीन पर अटैक किया जा सकता है। वहीं, भारत की अग्नी-4 मिसाइल उत्तर-पूर्वी भारत से बीजिंग और शंघाई समेत लगभग पूरे चीन पर हमला करने की क्षमता रखती है, लेकिन भारत इससे भी ज्यादा रेंज वाली अग्नी-5 तैयार कर रहा है। अग्नी-5 तीन स्टेज और सॉलिड फ्यूल से चलने वाली इंटरकॉन्टीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है, जिसकी क्षमता 5000 से ज्यादा किलोमीटर तक न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने की है।

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव जारी है। हालात को देखते हुए युद्ध की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि युद्ध होगा तो कौन किस पर भारी पड़ेगा, क्या भारत चीन का मुक़ाबला कर पाएगा। वर्तमान हालात 1962 से से अगल है, चीन की नज़रों में भारत की वही पुरानी छवि है या फिर उसमे बदलाव आया है। ये सारे सवाल है जिसपर दुनिया नज़रे गड़ाए हुए है।…