भैरहवा मेडिकल कालेज गेट पर छात्रों ने लगाया ताला

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भैरहवा मेडिकल कालेज गेट पर छात्रों ने लगाया ताला

सोनौली :: भारत नेपाल सीमा से सटे रूपनदेही जिले के भैरहवा मेडिकल कालेज के बाहर आंदोलित छात्रों में अपनी मांगों को अनदेखी किए जाने के विरोध में ताला जड़ दिया है। और गेट के बाहर धरना दे रहे है।

Bhairahawa Medical Collage Gate Par Tala :

मंगलवार की सुबह मेडिकल कालेज के छात्र प्रशासन द्वारा तय अवधि सीमा के बाद भी मांगों की अनदेखी का आरोप लगा कर गेट सहित विभिन्न वार्डो में ताला जड़ दिया बीआईडीएस और एमबीबीएस में पढ़ने वाले छात्रों ने कॉलेज के प्रशासनिक, लेखा, प्रिंसिपल और सहायक प्रिंसिपल में खुद को बंद कर लिया। इससे कॉलेज का शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। कॉलेज से इंट्रानेट पर नियुक्त डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर 2 घंटे के भीतर शुल्क वापस नहीं किया गया तो वे काम नहीं करेंगे।

छात्रों ने कहा है कि उन्हें रोगी की संवेदनशीलता को समझना चाहिए और उपचार सेवाओं को जारी रखने की अनुमति देनी चाहिए। जबकि कॉलेज प्रशासन का कहना है कि फीस को समायोजित करने के लिए प्रबंधक की अनुमति सहित अन्य पेपर तैयार होने में अभी और समय लगेगा।

यूनिवर्सल मेडिकल कॉलेज के छात्र वापसी की मांग को लेकर 1 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों के आंदोलन के कारण कालेज प्रशासन ने वार्षिक परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। छात्रों के ताला बन्दी से मेडिकल पहुचे मरीज सहित तीमारदारों बहुत परेशान दिखे । भैरहवा मेडिकल कालेज में नेपाल सहित सीमा से सटे भारतीय मरीज भी हजारों की संख्या में पहुचे थे। जिन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।

इस सम्बंध में डीएम रूपनदेही हेमलाल पंथ ने बताया कि कॉलेज प्रशासन और छात्रों के बीच सुलह की बातचीत हो रही है।

विजय चौरसिया -ब्यूरो प्रभारी महराजगंज

सोनौली :: भारत नेपाल सीमा से सटे रूपनदेही जिले के भैरहवा मेडिकल कालेज के बाहर आंदोलित छात्रों में अपनी मांगों को अनदेखी किए जाने के विरोध में ताला जड़ दिया है। और गेट के बाहर धरना दे रहे है। मंगलवार की सुबह मेडिकल कालेज के छात्र प्रशासन द्वारा तय अवधि सीमा के बाद भी मांगों की अनदेखी का आरोप लगा कर गेट सहित विभिन्न वार्डो में ताला जड़ दिया बीआईडीएस और एमबीबीएस में पढ़ने वाले छात्रों ने कॉलेज के प्रशासनिक, लेखा, प्रिंसिपल और सहायक प्रिंसिपल में खुद को बंद कर लिया। इससे कॉलेज का शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। कॉलेज से इंट्रानेट पर नियुक्त डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर 2 घंटे के भीतर शुल्क वापस नहीं किया गया तो वे काम नहीं करेंगे। छात्रों ने कहा है कि उन्हें रोगी की संवेदनशीलता को समझना चाहिए और उपचार सेवाओं को जारी रखने की अनुमति देनी चाहिए। जबकि कॉलेज प्रशासन का कहना है कि फीस को समायोजित करने के लिए प्रबंधक की अनुमति सहित अन्य पेपर तैयार होने में अभी और समय लगेगा। यूनिवर्सल मेडिकल कॉलेज के छात्र वापसी की मांग को लेकर 1 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों के आंदोलन के कारण कालेज प्रशासन ने वार्षिक परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। छात्रों के ताला बन्दी से मेडिकल पहुचे मरीज सहित तीमारदारों बहुत परेशान दिखे । भैरहवा मेडिकल कालेज में नेपाल सहित सीमा से सटे भारतीय मरीज भी हजारों की संख्या में पहुचे थे। जिन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। इस सम्बंध में डीएम रूपनदेही हेमलाल पंथ ने बताया कि कॉलेज प्रशासन और छात्रों के बीच सुलह की बातचीत हो रही है। विजय चौरसिया -ब्यूरो प्रभारी महराजगंज