भैया जी जोशी चौथी बार बने आरएसएस के सरकार्यवाहक

भैया जी जोशी,आरएसएस के सरकार्यवाहक
भैया जी जोशी चौथी बार बने आरएसएस के सरकार्यवाहक

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की प्रतिनिधि सभा ने सर्वसम्मति से भैया ​जी जोशी को चौथी बार सरकार्यवाहक चुन लिया है। नागपुर में डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के भवन में शनिवार को शुरू हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक में जोशी के नाम की घोषणा की गई। आरएसएस में सरकार्यवाहक का पद संघ प्रमुख यानी सरसंघचालक के बाद दूसरा सबसे बड़ा पद होता है। जिसके चुनाव की प्रक्रिया के तहत अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के 1500 निर्वाचित सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं।

आरएसएस में भैया जी जोशी को भावी सरसंघचाकल के रूप में देखा जाता है। संघ में भैया जी जोशी के कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह नौ वर्षों से सरकार्यवाहक के पद पर रहने के बाद चौथी बार चुने गए हैं।

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प्रति​निधि मंडल के प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य ने बताया है कि बैठक का शुभारंभ सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया।बैठक का समापन सोमवार को किया जाएगा।

भैया जी जोशी का नाम सुरेश जोशी है। वह पूर्व में सरकार्यवाहक के पद को त्यागने की ​ईच्छा जाहिर कर चुके हैं। जिसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि इस बार संघ को नया सरकार्यवाहक मिल सकता है। लेकिन भैया जी जोशी के कार्यकाल के दौरान संघ को मिली उप​लब्धियों और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए भैया जी को पुन: सरकार्यवाहक चुना गया है।

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संघ की कार्यप्रणाली को समझने वालों की माने तो भैया जी जोशी के चौथे कार्यकाल को 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर संघ की रणनीति से जोड़कर देखने की जरूरत है। भैयाजी जोशी के कुशल नेतृत्व की ही देन है कि संघ ने अपनी राजनीतिक शाखा के रूप में पहचानी जाने वाली भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ केन्द्र की सत्ता में काबिज होने के साथ—साथ देश के 21 राज्यों में सत्तारूढ़ है। ऐसे में संघ 2019 के चुनाव को लेकर भैया जी जोशी की रणनीतियों का पूरा फायदा उठाना चाहेगा।

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की प्रतिनिधि सभा ने सर्वसम्मति से भैया ​जी जोशी को चौथी बार सरकार्यवाहक चुन लिया है। नागपुर में डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के भवन में शनिवार को शुरू हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक में जोशी के नाम की घोषणा की गई। आरएसएस में सरकार्यवाहक का पद संघ प्रमुख यानी सरसंघचालक के बाद दूसरा सबसे बड़ा पद होता है। जिसके चुनाव की प्रक्रिया के तहत अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के 1500…
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