प्रदर्शनकारी दलितों पर बोले राहुल, कहा- अधिकारों के लिए लड़ने वालों को मेरा सलाम

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प्रदर्शनकारी दलितों पर बोले राहुल, कहा- अधिकारों के लिए लड़ने वालों को मेरा सलाम

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी/एसटी ऐक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने और अग्रिम जमानत को मंजूरी दिए जाने के फैसले के खिलाफ अाज देशभर में विरोध- प्रदर्शन हो रहा है। राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर बीजेपी और आरएसएस की सोच पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पार्टी और संघ पर दलितों को दबाए रखने का आरोप लगाया है।

Bharat Band Congress President Rahul Gandhi Praises Dalits Protest :

राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को सीधे RSS, BJP और पीएम मोदी से जोड़कर राजनीतिक रूप देना चाह रहे हैं। उन्होंने ट्विट कर कहा कि दलितों को भारतीय समाज के सबसे निचले पायदान पर रखना अारएसएस, भाजपा के डीएनए में है। जो इस सोच को चुनौती देता है उसे वे हिंसा से दबाते हैं। इसके अलावा उन्होंने लिखा कि हजारों दलित भाई-बहन आज सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार से अपने अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे हैं। हम उनको सलाम करते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को महाराष्ट्र के एक मामले को लेकर एससी एसटी एक्ट में नई गाइडलाइन जारी की थी। जिसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अधिनियम-1989 के दुरुपयोग पर बंदिश लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था। इसमें कहा गया था कि एससी एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होगी। पहले आरोपों की जांच डीएसपी स्तर का अधिकारी करेगा। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तभी आगे की कार्रवाई होगी।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी/एसटी ऐक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने और अग्रिम जमानत को मंजूरी दिए जाने के फैसले के खिलाफ अाज देशभर में विरोध- प्रदर्शन हो रहा है। राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर बीजेपी और आरएसएस की सोच पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पार्टी और संघ पर दलितों को दबाए रखने का आरोप लगाया है।राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को सीधे RSS, BJP और पीएम मोदी से जोड़कर राजनीतिक रूप देना चाह रहे हैं। उन्होंने ट्विट कर कहा कि दलितों को भारतीय समाज के सबसे निचले पायदान पर रखना अारएसएस, भाजपा के डीएनए में है। जो इस सोच को चुनौती देता है उसे वे हिंसा से दबाते हैं। इसके अलावा उन्होंने लिखा कि हजारों दलित भाई-बहन आज सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार से अपने अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे हैं। हम उनको सलाम करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को महाराष्ट्र के एक मामले को लेकर एससी एसटी एक्ट में नई गाइडलाइन जारी की थी। जिसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अधिनियम-1989 के दुरुपयोग पर बंदिश लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था। इसमें कहा गया था कि एससी एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होगी। पहले आरोपों की जांच डीएसपी स्तर का अधिकारी करेगा। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तभी आगे की कार्रवाई होगी।