त्रिपुरा : चुनाव के लिए बीजेपी ने बदल दिया भारत माता का रूप

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त्रिपुरा में बीजेपी भारत माता का रूप बदलने की तैयारी में है। अगले साल त्रिपुरा में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी भारत माता का नया चित्रण कर रही है, इस नए रूप में भारत माता राज्य की पारंपरिक पोशाक पहने दिखाई देंगी। त्रिपुरा के चार प्रमुख आदिवासी समुदाय जैसी पोशाक पहनते हैं, ठीक उसी तरह की पोशाक पहने भारत माता को भी दिखाया जाएगा।

Bharat Mata In The Traditional Attire Of Tribal Communities Of Tripura For Planning Assembly Election :

त्रिपुरा के बीजेपी प्रभारी सुनील देवधर का कहना है, ‘इस क्षेत्र का आदिवासी समुदाय सालों से खुद को देश से अलग महसूस करता आया है, इसलिए इसे खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है। यहां की जनता भी भारत का हिस्सा है और भारत माता उनके लिए भी हैं। हर आदिवासी समुदाय की अपनी संस्कृति और अपनी पोशाक होती है, हम उन सभी का आदर करते हैं।’

त्रिपुरा की कुल जनसंख्या का 77.8 फीसदी हिस्सा चार प्रमुख आदिवासी समुदायों का है। देबबर्मा, त्रिपुरी / त्रिपुरा, रियांग और चाकमा ये चार आदिवासी समुदाय राज्य के प्रमुख समुदाय हैं। इन चारों समुदायों को भारत माता के नए चित्रण में दर्शाने की कोशिश की गई है। पार्टी नेताओं ने बताया कि 20 की उम्र के आसपास की उन महिलाओं ने जो बीजेपी से जुड़ी हुई हैं या पार्टी को सपोर्ट करती हैं, उन्होंने भारत माता के नए चित्रण के लिए अपनी पारंपरिक पोशाक पहनीं और फिर उनकी तस्वीरें ली गईं।

देवधर का कहना है, ‘अंत में भारत माता का जो चित्रण तैयार किया जाएगा उसमें नॉर्थ-ईस्ट के सभी 300 आदिवासी समुदायों की परंपरा और संस्कृति की झलक होगी।’ उन्होंने कहा, ‘अधिकतर बीजेपी के कार्यक्रमों में हम भारत माता की, पार्टी के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की और श्याम प्रसाद मुखर्जी जी की तस्वीरें रखते हैं, लेकिन अब हम इन तस्वीरों के साथ ही पार्टी के कार्यक्रमों में भारत माता के नए रूप की तस्वीर भी रखेंगे।’

त्रिपुरा में बीजेपी भारत माता का रूप बदलने की तैयारी में है। अगले साल त्रिपुरा में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी भारत माता का नया चित्रण कर रही है, इस नए रूप में भारत माता राज्य की पारंपरिक पोशाक पहने दिखाई देंगी। त्रिपुरा के चार प्रमुख आदिवासी समुदाय जैसी पोशाक पहनते हैं, ठीक उसी तरह की पोशाक पहने भारत माता को भी दिखाया जाएगा।त्रिपुरा के बीजेपी प्रभारी सुनील देवधर का कहना है, ‘इस क्षेत्र का आदिवासी समुदाय सालों से खुद को देश से अलग महसूस करता आया है, इसलिए इसे खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है। यहां की जनता भी भारत का हिस्सा है और भारत माता उनके लिए भी हैं। हर आदिवासी समुदाय की अपनी संस्कृति और अपनी पोशाक होती है, हम उन सभी का आदर करते हैं।’त्रिपुरा की कुल जनसंख्या का 77.8 फीसदी हिस्सा चार प्रमुख आदिवासी समुदायों का है। देबबर्मा, त्रिपुरी / त्रिपुरा, रियांग और चाकमा ये चार आदिवासी समुदाय राज्य के प्रमुख समुदाय हैं। इन चारों समुदायों को भारत माता के नए चित्रण में दर्शाने की कोशिश की गई है। पार्टी नेताओं ने बताया कि 20 की उम्र के आसपास की उन महिलाओं ने जो बीजेपी से जुड़ी हुई हैं या पार्टी को सपोर्ट करती हैं, उन्होंने भारत माता के नए चित्रण के लिए अपनी पारंपरिक पोशाक पहनीं और फिर उनकी तस्वीरें ली गईं।देवधर का कहना है, ‘अंत में भारत माता का जो चित्रण तैयार किया जाएगा उसमें नॉर्थ-ईस्ट के सभी 300 आदिवासी समुदायों की परंपरा और संस्कृति की झलक होगी।’ उन्होंने कहा, ‘अधिकतर बीजेपी के कार्यक्रमों में हम भारत माता की, पार्टी के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की और श्याम प्रसाद मुखर्जी जी की तस्वीरें रखते हैं, लेकिन अब हम इन तस्वीरों के साथ ही पार्टी के कार्यक्रमों में भारत माता के नए रूप की तस्वीर भी रखेंगे।’