चन्द्रशेखर रावण ने लिया यूटर्न, पीएम मोदी के खिलाफ नहीं लड़ेगा चुनाव

chandrashekhar rawan
चन्द्रशेखर रावण ने लिया यूटर्न, पीएम मोदी के खिलाफ नहीं लड़ेगा चुनाव

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाले भीम आर्मी के चन्द्रशेखर आजाद ने यूटर्न ले लिया है। उन्होने सपा—बसपा गठबंधन का साथ देने का फैसला लिया है, ताकि दलित वोट का बंटवारा न हो सके और बीजेपी को हराया जा सके।

Bhim Army Chief Chandrashekhar U Turn Wont Fight Pm Modi In Varanasi :

बता दें कि कुछ दिन पहले ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने उसे भारतीय जनता पार्टी का एजेंट करार देते हुए दलित वोटों को बांटने का आरोप लगाया था। चन्द्रशेखर ने तो ये तक कह दिया कि अगर मायावती बीएसपी के ब्राह्मण चेहरे सतीश चंद्र मिश्रा को चुनावी मैदान में उतारती हैं तो भी वो उनका समर्थन करेंगे। इससे पहले, भीम आर्मी चीफ ने सतीश चंद्र मिश्रा पर मायावती को बरगलाने और दलित समूहों के खिलाफ षडयंत्र रचने का आरोप लगाया था।

चंद्रशेखर ने कहा- “मैनें वाराणसी से चुनाव न लड़ने का फैसला किया है क्योंकि मैं नहीं चाहता हूं कि मेरे फैसले से बीजेपी या मोदी को मजबूती मिले। उन्होने कहा कि हमारा मकशद सिर्फ बीजेपी को हराने का है। वहीं मायावती की आलोचना को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा- “हमारे ही लोग हमें बीजेपी का एजेंट कहकर बुलाते हैं, लेकिन मैं उन्हें ही प्रधानमंत्री बनते हुए देखना चहता हूं।”

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाले भीम आर्मी के चन्द्रशेखर आजाद ने यूटर्न ले लिया है। उन्होने सपा—बसपा गठबंधन का साथ देने का फैसला लिया है, ताकि दलित वोट का बंटवारा न हो सके और बीजेपी को हराया जा सके। बता दें कि कुछ दिन पहले ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने उसे भारतीय जनता पार्टी का एजेंट करार देते हुए दलित वोटों को बांटने का आरोप लगाया था। चन्द्रशेखर ने तो ये तक कह दिया कि अगर मायावती बीएसपी के ब्राह्मण चेहरे सतीश चंद्र मिश्रा को चुनावी मैदान में उतारती हैं तो भी वो उनका समर्थन करेंगे। इससे पहले, भीम आर्मी चीफ ने सतीश चंद्र मिश्रा पर मायावती को बरगलाने और दलित समूहों के खिलाफ षडयंत्र रचने का आरोप लगाया था। चंद्रशेखर ने कहा- “मैनें वाराणसी से चुनाव न लड़ने का फैसला किया है क्योंकि मैं नहीं चाहता हूं कि मेरे फैसले से बीजेपी या मोदी को मजबूती मिले। उन्होने कहा कि हमारा मकशद सिर्फ बीजेपी को हराने का है। वहीं मायावती की आलोचना को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा- “हमारे ही लोग हमें बीजेपी का एजेंट कहकर बुलाते हैं, लेकिन मैं उन्हें ही प्रधानमंत्री बनते हुए देखना चहता हूं।”