पुणे हिंसा: प्रकाश अंबेडकर ने वापस लिया ‘महाराष्ट्र बंद’ का फैसला, कई जगह हटे प्रदर्शनकारी

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मुंबई। नए साल के पहले दिन से जारी जातीय संघर्ष को भारीपा बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश अंबेडकर ने वापस ले लिया है। बंद के कारण मुंबई के बड़े हिस्सों और राज्य भर में बुधवार को करीब 10 घंटे तक हालात असामान्य रहे। डॉ. भीम राव अंबेडकर के परपोते प्रकाश ने संवाददाताओं को बताया, “बंद शांतिपूर्ण रहा और सभी जगहों पर भारी समर्थन मिला। मैं इसे सफल बनाने के लिए अपने सभी समर्थकों का शुक्रिया अदा करता हूं।”

प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि इस मामले में अगर कार्रवाई नहीं हुई तो हम आगे आंदोलन करेंगे। हमने गुजरात में ऊना की वारदात सही, ऐसे और कब तक सहते रहेंगे? अगर हमने भीड़ को संभाला नहीं होता तो हिंदू संस्था के कम से कम 500 लोग मारे जाते। उन्होंने राज्य सरकार से हिंसा और एक जनवरी को कोरेगांव-भीमा में एक युवक की हत्या के अपराधियों पर हत्या के आरोप तय करने की मांग की।

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उन्होंने कहा कि बंद का कदम केवल दलितों के लिए नहीं था बल्कि राज्य में निचले स्तर के लोगों की दुर्दशा को उजागर करना और उनके लिए न्याय की तलाश करना था। बंद को वापस लेने के कदम के बाद मुंबई और महाराष्ट्र में देर शाम तक हालात सामान्य होने की संभावना है।

गृहराज्य मंत्री दीपक केसरकर ने कहा, महाराष्ट्र में अभी स्थिति काबू में है। जिस युवक की मृत्यु हुई वो दलित नहीं था। सोशल मीडिया में गलत संदेश दिए जा रहे हैं जिससे लोगों गुस्सा हो रहे हैं। महाराष्ट्र की जनता शांति बनाए रखे। सरकार जांच करवा रही है, जो भी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।

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मुंबई। नए साल के पहले दिन से जारी जातीय संघर्ष को भारीपा बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश अंबेडकर ने वापस ले लिया है। बंद के कारण मुंबई के बड़े हिस्सों और राज्य भर में बुधवार को करीब 10 घंटे तक हालात असामान्य रहे। डॉ. भीम राव अंबेडकर के परपोते प्रकाश ने संवाददाताओं को बताया, "बंद शांतिपूर्ण रहा और सभी जगहों पर भारी समर्थन मिला। मैं इसे सफल बनाने के लिए अपने सभी समर्थकों का शुक्रिया अदा करता हूं।" प्रकाश अंबेडकर…
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