नेताओं-अफसरों के घरों पर चाकरी कर रहे भोपाल जेल के 50 फीसदी जवान

भोपाल| दिवाली की रात भोपाल सेंट्रल जेल से सिमी के आठ आतंकियों के दीवार फांदकर फरार होने के बाद यह जेल चर्चा में है| अब जो जानकारी सामने आई है उसे सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएंगे| भोपाल सेंट्रल जेल में पदस्थ जेल प्रहरियों की ड्यूटी यूं तो कैदियों पर नजर रखने की है लेकिन इसमें से कई अफसरों और मंत्रियों के घर पर ड्यूटी दे रहे हैं| गुरुवार को जब एक सूची जेल मुख्यालय से बाहर आई तो उसमें करीब 80 जेल प्रहरियों की ड्यूटी विभिन्न अफसरों और मंत्रियों के यहां होना बताई गई|




जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल जेल में कैदियों की निगरानी के लिए 160 प्रहरी हैं| इनमें से 80 मुख्यमंत्री, चीफ सेक्रेटरी, जेल मिनिस्टर, एक्स जेल मिनिस्टर, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और डीजी के घरों पर चाकरी कर रहे हैं| जेल के प्रहरी रजिस्टर में साफतौर पर दर्ज है कि कौन किसकी सर्विस में तैनात है| यह रिकॉर्ड ह्यूमन राइट कमीशन ने मंगाया है| इसके मुताबिक सबसे ज्यादा 20 प्रहरियों को जेल हेडक्वार्टर और 10 की ड्यूटी प्रिंसिपल सेक्रेटरी जेल विनोद सेमवाल के यहां लगी है| सूत्रों के मुताबिक, ये गार्ड्स पिछले कई सालों से यहां काम कर रहे हैं| एक अफसर ने बताया कि जेल की सिक्युरिटी के लिहाज से गार्ड्स की इस ड्यूटी पर किसी ने ध्यान नहीं दिया| हालांकि यह केवल भोपाल सेंट्रल जेल का हाल नहीं है| यूपी सहित देशभर की कई जेलों में जेल प्रहरी अफसरों के घर की चाकरी कर रहे हैं|

गौरतलब है कि प्रतिबंधित संगठन सिमी के आठ आतंकी 30-31 अक्तूबर की रात को जेल से फरार हो गए थे| फरार होने से पहले सिमी के आतंकियों ने एक प्रधान आरक्षक रमाशंकर यादव की हत्या कर दी थी| बाद में सभी आठ भोपाल के बाहरी इलाके मणिखेडा पठार में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे| मुठभेड़ के बारे में पुलिस एवं राज्य के गृहमंत्री के परस्पर विरोधी बयान आए जिससे ये आरोप लगने लगे हैं कि मुठभेड़ फर्जी हो सकता है| मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में इस घटना पर कल एक जनहित याचिका दायर कर न्यायिक जांच की मांग भी की गई है|