लोकसभा चुनाव से पहले ममता को लगा झटका, इस नेता ने छोड़ी पार्टी

लोकसभा चुनाव से पहले ममता को लगा झटका, इस नेता ने छोड़ी पार्टी
लोकसभा चुनाव से पहले ममता को लगा झटका, इस नेता ने छोड़ी पार्टी

नई दिल्ली। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने की घोषणा की और कहा कि वह अब किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। देश के प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी ने ट्वीट कर तृणमूल कांग्रेस के सभी आधिकारिक एवं राजनीति पदों से त्यागपत्र देने की घोषणा की।

Bhutia Leaves Trinamool Congress Party Mamta Banrajee :

भूटिया 2014 लोकसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा, “मैं आज आधिकारिक रूप से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी की सदस्यता, सभी आधिकारिक और राजनीतिक पद से इस्तीफा देता हूं। मैं अब किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं हूं।”

वर्ष 2014 में, तृणमूल ने भूटिया को दार्जिलिंग लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें इस सीट से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्हें वर्ष 2016 में भी सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र से हार का सामना करना पड़ा था।  भूटिया ने हालांकि तृणमूल से अपने सभी संबंध तोड़ने के पीछे कारण नहीं बताया है। कई बार उनसे संपर्क करने की कोशिश के बावजूद उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका। तृणमूल ने भी उनके इस्तीफा पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

तृणमूल के महासचिव और पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा, “मैं इसपर कुछ नहीं कह रहा हूं।” अपने दो दशक लंबे कैरियर में भूटिया 12 वर्षो तक देश की राष्ट्रीय टीम की कप्तानी की। उन्होंने ब्यूरी एफसी की तरफ से इंग्लिश प्रोफेशनल लीग में भी हिस्सा लिया था।

नई दिल्ली। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने की घोषणा की और कहा कि वह अब किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। देश के प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी ने ट्वीट कर तृणमूल कांग्रेस के सभी आधिकारिक एवं राजनीति पदों से त्यागपत्र देने की घोषणा की।भूटिया 2014 लोकसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा, "मैं आज आधिकारिक रूप से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी की सदस्यता, सभी आधिकारिक और राजनीतिक पद से इस्तीफा देता हूं। मैं अब किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं हूं।"वर्ष 2014 में, तृणमूल ने भूटिया को दार्जिलिंग लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें इस सीट से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्हें वर्ष 2016 में भी सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र से हार का सामना करना पड़ा था।  भूटिया ने हालांकि तृणमूल से अपने सभी संबंध तोड़ने के पीछे कारण नहीं बताया है। कई बार उनसे संपर्क करने की कोशिश के बावजूद उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका। तृणमूल ने भी उनके इस्तीफा पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।तृणमूल के महासचिव और पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा, "मैं इसपर कुछ नहीं कह रहा हूं।" अपने दो दशक लंबे कैरियर में भूटिया 12 वर्षो तक देश की राष्ट्रीय टीम की कप्तानी की। उन्होंने ब्यूरी एफसी की तरफ से इंग्लिश प्रोफेशनल लीग में भी हिस्सा लिया था।