सीबीआई करेगी पूर्व मंत्री अमरमणि की बहू की मौत की जांच

लखनऊ: कथित कार दुर्घटना में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की बहू सारा की संदिग्ध परिस्थियों में हुई मौत के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) करेगी। इसकी पुष्टि एसपी फीरोजाबाद ने की है। बताया जा रहा है कि हाल ही में मुख्यमंत्री के आदेश पर सारा प्रकरण की जांच सीबीआइ को सौंप दी गई है। सीबीआइ ने मामले से संबंधित रिकार्ड तलब किए हैं। इस संबंध में एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने बताया सारा प्रकरण की जांच अब सीबीआइ कर रही है। इस तरह का आदेश उन्हें मिल गया है, केस डायरी समेत कुछ अन्य जानकारी मांगी गई हैं। इस मामले से संबंधित रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

गौरतलब है कि फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज थाना क्षेत्र में नौ जुलाई को कथित रूप से एक साइकिल चालक को बचाने की कोशिश में अमनमणि की कार सड़क किनारे खड्ड में गिर गयी थी, जिसमें उनकी 27 साल की पत्नी वर्षीय सारा की मौत हो गई थी । मगर गाड़ी चला रहे अमनमणि को खरोंच भी नहीं आयी थी । जिसके बाद दुर्घटना के हालात को देखते हुए सारा के परिजनों ने उसकी हत्या किए जाने की आशंका जतायी थी।

सारा की हत्या का आरोप लगाते हुए उसकी मां सीमा सिंह इससे पहले राजभवन, पुलिस महानिदेशक और लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी। सारा की मां सीमा ने राज्यपाल राम नाईक से भेंट करके अपनी बेटी की हत्या किए जाने की आशंका दोहराते हुए सारे मामले की सीबीआई जांच का आग्रह किया था। उन्होंने अमनमणि और उसके पिता अमरमणि का नार्को परीक्षण कराये जाने की भी मांग की थी।

सीमा ने उससे पहले लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश पांडेय को एक प्रार्थनापत्र देकर उनसे इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने और प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की गुजारिश की थी। उन्होंने पांडेय को दिये प्रार्थनापत्र में कहा कि जुलाई 2013 में लखनउ के आर्य समाज मंदिर में अमनमणि से शादी करने वाली सारा ने लगभग छह माह पूर्व उन्हें बताया कि उसका पति उससे छुटकारा पाना चाहता है और वह अक्सर उसे मारता पीटता है। सारा अक्सर अपने साथ अनहोनी की आशंका जाहिर करती थी।

सीमा ने इस सिलसिले में 17 जुलाई को फिरोजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव से मुलाकात करके अपनी बेटी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर कुछ आपत्तियां उठाई थी कि उसके शव पर चोट के किसी निशान का जिक्र नहीं था और यह भी कि घटना संदिग्ध होने के बावजूद पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल से नहीं कराया गया। उन्होंने कहा था कि उन्हें इस बात की पूरी आशंका है कि उनकी बेटी की साजिश के तहत हत्या करके उसे दुर्घटना का रूप दिए जाने की कोशिश की गयी है।

सीमा सिंह की तहरीर पर इस संबंध में 18 जुलाई को सिरसागंज थाने पर अमनमणि के खिलाफ आईपीसी की धारा 498, 302 और 120 (बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अमनमणि के पिता पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी मधुमिता शुक्ला की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे है।.

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