शाहरुख खान के सहारे घटिया माल बेंच रही Big Basket

big basket
शाहरुख खान की गुडविल पर घटिया माल बेंच रही Big Basket

लखनऊ। भारत एक बहुत बड़ा बाजार इतना बड़ा कि यहां कंपनियां अपने घटिया प्रोडक्ट्स को फिल्मी सितारों से सजे विज्ञापनों के सहारे उपभोक्ताओं को चिपकाने में लगी हुयीं हैं। कुछ साल पहले आपने सुना होगा कि मैगी में लेड की अतिरिक्त मात्रा मिली थी जिसके बाद सरकार ने मैगी की बिक्री पर रोक लगा दी थी। ताजा मामला सामने आया है बिग बास्केट (Big Basket) नाम आॅनलाइन ग्रॉसरी बेंचने वाली कंपनी के प्रोडक्ट्स को लेकर। बिग बास्केट कंपनी का प्रचार बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार शाहरुख खान करोड़ों रूपए लेकर कर रहे हैं। जिससे कंपनी का कारोबार भी खूब फल फूल रहा है। लेकिन यह कंपनी ताजे और बेहतर गुणवत्ता के माल की होम डिलीवरी करने के दावे के बीच उपभोक्ताओं को घटिया माल चिपकाने में लगी है।

राजधानी लखनऊ में खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता की निगरानी करने वाली संस्था एफएसडीए ने बताया है कि पिछले माह भरे गए बिग बास्केट कंपनी की उड़द के दाल के नमूने फेल हो गए हैं। इसके अलावा प्रतिष्ठित कंपनी धारा के खाद्य तेल के नमूने भी जांच में फेल पाए गए हैं। एफएसडीए के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके मिश्रा के मुताबिक कुल पांच कंपनियों के नमूने फेल हुए है। सभी कंपनियों को एफएसडीए एक्ट के तहत नोटिस के माध्यम से रेफरल लैब में अपील करने के लिए एक माह का समय दिया गया है। एक महीने के भीतर अगर कोई कंपनी रेफरल लैब नहीं जाती है, तो इनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई करने के लिए एफएसडीए कोर्ट में मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।

{ यह भी पढ़ें:- भूख से मौत की शिकार संतोषी की मां को गांव से निकाला, बदनामी करने का आरोप }

बिग बास्केट की उड़द की दाल के नमूने गुणवत्ता पैमाने पर फेल होने के बाद इस कंपनी की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में आ गई है। इस मामले ने एकबार फिर खाद्य पदार्थों के लिए होने वाले सिलेब्रिटी इंडोर्समेंट की नई बहस छेड़ दी है। शायद आपको याद हो कि मैगी में ​हानिकारक रासायन मिलने के बाद इसका प्रचार करने वाली माधुरी दीक्षित और अमिताभ बच्चन ने माफी मांगी थी और भविष्य में किसी प्रोडक्ट को बिना परखे उसका प्रचार न करने की बात कही थी।

{ यह भी पढ़ें:- शाहरुख ने अपनी टीम में खरीदा पाकिस्तानी क्रिकेटर, फिर दिखाया पाक प्रेम }

लखनऊ। भारत एक बहुत बड़ा बाजार इतना बड़ा कि यहां कंपनियां अपने घटिया प्रोडक्ट्स को फिल्मी सितारों से सजे विज्ञापनों के सहारे उपभोक्ताओं को चिपकाने में लगी हुयीं हैं। कुछ साल पहले आपने सुना होगा कि मैगी में लेड की अतिरिक्त मात्रा मिली थी जिसके बाद सरकार ने मैगी की बिक्री पर रोक लगा दी थी। ताजा मामला सामने आया है बिग बास्केट (Big Basket) नाम आॅनलाइन ग्रॉसरी बेंचने वाली कंपनी के प्रोडक्ट्स को लेकर। बिग बास्केट कंपनी का प्रचार…
Loading...