1. हिन्दी समाचार
  2. योगी कैबिनेट की बैठक में बड़ा बदलाव, अब गोकशी पर 10 साल वर्ष की सजा, पांच लाख का जुर्माना

योगी कैबिनेट की बैठक में बड़ा बदलाव, अब गोकशी पर 10 साल वर्ष की सजा, पांच लाख का जुर्माना

Big Change In Yogi Cabinet Meeting Now Gokshi Sentenced To 10 Years Fined Five Lakh

By टीम पर्दाफाश 
Updated Date

लखनऊ. 64 साल पहले साल 1856 में उत्तर प्रदेश में लागू हुए गोवध निवारण अधिनियम में योगी सरकार ने मंगलवार की देर शाम कैबिनेट की बैठक में बड़ा बदलाव किया है। सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में यूपी गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश-2020 को मंजूरी दी गई। अब गोकशी या तस्करी पर अधिकतम दस वर्ष की सजा हो सकेगी और पांच लाख का जुर्माना भी लगेगा। दोबारा दोषी पाए जाने पर दोगुनी सजा होगी। आरोपियों के पोस्टर भी चस्पा होंगे। अध्यादेश को राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू कर दिया जाएगा।

पढ़ें :- कोरोना के बाद चीन का एक और वायरस मचा सकता है कोहराम, आईसीएमआर ने दी चेतावनी

मौजूदा कानून में गोवंश के वध या इस नीयत से तस्करी पर न्यूनतम सजा का प्रावधान नहीं है। अब गोकशी पर न्यूनतम तीन साल की सजा और तीन लाख रुपए जुर्माना तय हो गया है। वहीं, गोवंश का अंगभंग करने भी कम से कम एक साल की सजा व एक लाख रुपए का न्यूनतम जुर्माना होगा।

प्रस्तावित कानून के अनुसार, यदि तस्करी के लिए ले जाया जा रहा गोवंश जब्त किया जाता है तो उसके एक साल तक भरण पोषण के लिए खर्च की वसूली भी अभियुक्त से होगी। अभी तक गोवंश या उसके मांस को ढोने वाले वाहनों, उनके मालिकों या चालकों पर कार्रवाई को लेकर तस्वीर साफ नहीं थी। अब जब तक वाहन मालिक साबित नहीं कर देंगे कि उनके वाहन में प्रतिबंधित मांस की जानकारी नहीं थी, वे भी दोषी माने जाएंगे। इस अधिनियम के तहत सभी अपराध गैर जमानती होंगे।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...