दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, देश की राजधानी में कोरोना मरीजों के लिए वेंटिलेटर और बेड बढ़ाए जाएं

Delhi Highcourt
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, देश की राजधानी में कोरोना मरीजों के लिए वेंटिलेटर और बेड बढ़ाए जाएं

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि राजधानी दिल्ली में covid19 मरीजों के लिए वेंटिलेटर और अस्पतालों में बेड बढ़ाए जाएं. हालांकि इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई हुई थी, लेकिन शनिवार को जजमेंट अपलोड हुआ.

Big Decision Of Delhi High Court Increase Ventilators And Beds For Corona Patients In The Countrys Capital :

सुनवाई के समय दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि राजधानी दिल्ली में 9179 बेड अस्पतालों में covid19 मरीजों के लिए हैं. इनमें से 4914 बेड का इस्तेमाल फिलहाल हो रहा है. बाकी बेड अस्पताल में खाली हैं. दिल्ली सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि 569 वेंटिलेटर दिल्ली में हैं. इनमें से 315 का इस्तेमाल किया जा रहा है.

इसी के बाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल की बेंच ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को अभी के सिचुएशन को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया कि राजधानी दिल्ली में वेंटिलेटर और बेड बढ़ाए जाएं. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि जितने भी covid19 के अस्पताल हैं राजधानी दिल्ली में, वे रियल टाइम पर अपने अस्पताल में कितने बेड उपलब्ध हैं, इसकी जानकारी अपलोड करें. ताकि covid19 के मरीज वहां पहुंच पाएं. मरीजो को कोई दिक्कत न हो.

इस बीच COVID-19 से जुड़े प्रावधानों के उल्‍लंघन के आरोप में कार्रवाई का सामना कर रहे सर गंगाराम हॉस्पिटल (Sir Gangaram Hospital) ने अब दिल्‍ली हाई कोर्ट का रुख किया है. अस्‍पताल प्रबंधन ने इस बाबत दिल्‍ली पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई है. बता दें कि केजरीवाल सरकार की शिकायत के बाद पुलिस ने अस्‍पताल के खिलाफ मामला दर्ज किया है. हाई कोर्ट 15 जून को इस पर सुनवाई करेगा. दरअसल, हॉस्पिटल पर कोरोना संबंधित नियमों को तोड़ने का आरोप है. इसके खिलाफ दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी. जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. जानकारी मिली है कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह शिकायत दर्ज कराई थी. इस मामले में हॉस्पिटल की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि राजधानी दिल्ली में covid19 मरीजों के लिए वेंटिलेटर और अस्पतालों में बेड बढ़ाए जाएं. हालांकि इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई हुई थी, लेकिन शनिवार को जजमेंट अपलोड हुआ. सुनवाई के समय दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि राजधानी दिल्ली में 9179 बेड अस्पतालों में covid19 मरीजों के लिए हैं. इनमें से 4914 बेड का इस्तेमाल फिलहाल हो रहा है. बाकी बेड अस्पताल में खाली हैं. दिल्ली सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि 569 वेंटिलेटर दिल्ली में हैं. इनमें से 315 का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसी के बाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल की बेंच ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को अभी के सिचुएशन को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया कि राजधानी दिल्ली में वेंटिलेटर और बेड बढ़ाए जाएं. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि जितने भी covid19 के अस्पताल हैं राजधानी दिल्ली में, वे रियल टाइम पर अपने अस्पताल में कितने बेड उपलब्ध हैं, इसकी जानकारी अपलोड करें. ताकि covid19 के मरीज वहां पहुंच पाएं. मरीजो को कोई दिक्कत न हो. इस बीच COVID-19 से जुड़े प्रावधानों के उल्‍लंघन के आरोप में कार्रवाई का सामना कर रहे सर गंगाराम हॉस्पिटल (Sir Gangaram Hospital) ने अब दिल्‍ली हाई कोर्ट का रुख किया है. अस्‍पताल प्रबंधन ने इस बाबत दिल्‍ली पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई है. बता दें कि केजरीवाल सरकार की शिकायत के बाद पुलिस ने अस्‍पताल के खिलाफ मामला दर्ज किया है. हाई कोर्ट 15 जून को इस पर सुनवाई करेगा. दरअसल, हॉस्पिटल पर कोरोना संबंधित नियमों को तोड़ने का आरोप है. इसके खिलाफ दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी. जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. जानकारी मिली है कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह शिकायत दर्ज कराई थी. इस मामले में हॉस्पिटल की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.