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बैंकिंग सेक्टर को लेकर बड़ा फैसला: RBI के दायरे में आएंगे को-ऑपरेटिव बैंक, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी

Big Decision On Banking Sector Co Operative Bank Will Come Under The Ambit Of Rbi Modi Cabinet Approved

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। को-ऑपरेटिव बैंक अब भारतीय रिजर्व बैंक के दायरे में आयेंगे। बुधवार को हुई मोदी कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर को लेकर मोदी सरकार का यह बड़ा फैसला है। उनका दावा है ​कि सरकार के इस फैसले के बाद लोगों को बचत की गारंटी मिलेगी।

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प्रकाश जावेड़कर ने बताया कि देश में 1482 अर्बन कोऑपेटिव बैंक और हैं 85 मल्टी स्टेक कोऑपरेटिव बैंक हैं, इनको लेकर आज अध्यादेश लाया गया है कि ये सभी बैंक रिजर्व बैंक के सुपरविजन में आ जाएंगे। सभी बैंकिंग नियम इन कोऑपरेटिव बैंकों पर लागू होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से जमाकर्ता को भरोसा मिलेगा कि हमारा पैसा सुरक्षित है।

8 करोड़ 60 लाख खाताधारक हैं इन 1540 बैंकों में। 4 लाख करोड़ 84 लाख रुपए जमा हैं। इस सबकी अच्छी रक्षा होगी। रिस्ट्रक्चरिंग के समय लोगों को डर लगता है, जो हमने कुछ मामलों में देखा। अब यह नहीं होगा। इसके साथ ही मुद्रा लोन योजना के तहत शिशु मुद्रा लोन लेने वाले 9 करोड़ 37 लाख लोगों को ब्याज में दो फीसदी की छूट मिलेगी।

प्रकाश जावेड़कर ने कहा ​कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बड़ा सुधार किया गया है। हमने अभी तक स्पेस विज्ञान में अच्छा विकास किया है। अब यह सभी लोगों के लिए खुल रहा है। भारत के छात्रों ने एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण सैटेलाइट बनाया गया। लेकिन उन्हें वह बाहर देश से छोड़ना पड़ा। जैसे अटल जी के समय में बिजली के क्षेत्र में हुआ वही आज स्पेस के क्षेत्र में हुआ है।

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