1. हिन्दी समाचार
  2. तकनीक
  3. फेसबुक और ट्विटर यूजर्स हो जाये सावधान, हो रही यूजर की हर गतिविधि ट्रैक हुआ खुलासा

फेसबुक और ट्विटर यूजर्स हो जाये सावधान, हो रही यूजर की हर गतिविधि ट्रैक हुआ खुलासा

Big News For Facebook And Twitter Users Privacy Violations Happening Revealed

By आराधना शर्मा 
Updated Date

नई दिल्ली: फेसबुक और ट्विटर यूजर्स के लिए एक बड़ी खबर रही है। दरअसल, आप इंटरनेट पर कहीं भी जो कुछ करते हैं, उसकी जानकारी फेसबुक रिकॉर्ड कर रहा है। यही नहीं, ट्विटर, गूगल और फेसबुक मिलकर विभिन्न लोगों विचारों और ट्रेंड्स को रोकने के लिए उन्हें सामूहिक सेंसर की रणनीति बना रहे हैं।

पढ़ें :- बड़ी खबर: दिल्ली हिंसा में खुलासा, पथराव में शामिल थीं बंगाली बोलने वाली 300 महिलाएं...

आपको बता दें, उन्होंने अपने प्लेटफार्म पर किन लोगों पर क्या कार्रवाई की। यह जानकारी तो उसके पास है लेकिन इसे वे अमेरिकी सरकार से साझा करने को तैयार नहीं। यह खुलासा मंगलवार को अमेरिका की सीनेट न्यायिक समिति की फेसबुक सीईओ डोर्सी से पूछताछ के दौरान हुआ।

इन दोनों के रवैए से नाराज अमेरिकी सिनेटरों को यह तक कहना पड़ा कि यह कंपनियां खुद को सरकार के बराबर और पारंपरिक न्यूज मीडिया से बढ़कर समझने लगी हैं। पूछताछ के दौरान जनप्रतिनिधियों के गुस्से से बचने के लिए दोनों सीईओ ने अपनी नीतियों में सुधार लाने और अपने प्लेटफार्म से भ्रामक सूचनाओं को फैलाने से रोकने के लिए पूरे प्रयास के आश्वासन दिए, लेकिन इसका असर नहीं हुआ।

गतिविधि ट्रैक कर रहा फेसबुक

कंटेंट मॉडरेशन के नाम पर सेंसरशिप  मिसौरी से रिपब्लिकन सीनेटर जोश हाले से सवाल जवाब में डोर्सी ने स्वीकारा कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के समय 27 अक्टूबर से 11 नवंबर के बीच ट्विटर ने तीन लाख ट्वीट्स विवादित और भ्रामक बताकर प्रतिबंधित किए। यह संख्या अमेरिकी चुनाव से संबंधित कुल ट्वीट्स का 0.2 प्रतिशत है। फेसबुक ने 15 करोड़ ऑनलाइन सामग्री पर भ्रामक होने का टैग लगाया। सीनेटर हॉले पूछताछ के समय एक बार आपे से बाहर हो गए। उन्होंने इन टेक कंपनियों को आधुनिक समय का लुटेरा करार दिया

पढ़ें :- Nagrota encounter Exclusive: 200 मीटर लंबी सुरंग से भारत में घुसे थे आतंकी, BSF की जांच मे हुआ खुलासा

जुकरबर्ग ने स्वीकारा कि उनके कर्मचारी इंडस्ट्री की दूसरी कंपनियों के कर्मचारियों से काम को लेकर बात करते हैं। हॉले ने कहा कि ट्रांसफर कंपनियों की सभी गतिविधियां रिकॉर्ड होती हैं। इसलिए उनकी सूची समिति ने मांगी इस पर जुकरबर्ग ने आनाकानी की और जानकारी नहीं दी। इस पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी जानकारी सीमित है इस बारे में बताने के लिए अपनी टीम से बात करनी होगी।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...