यूपी में कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह भाजपा में शामिल

Rajkumari ratna singh
यूपी में कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह भाजपा में शामिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। अमेठी के राजा डॉक्टर संजय सिंह के बाद अब प्रतापगढ़ राजघराने की राजकुमारी रत्ना सिंह ने भी भाजपा का दामन थाम लिया है। करीब चार दशक से कांग्रेस को मजबूती देने वाले परिवार की राजकुमारी रत्ना सिंह आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई।
प्रतापगढ़ की पूर्व सांसद और कांग्रेस की नेता राजकुमारी रत्ना सिंह अपने समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में मंगलवार की दोपहर राजकुमारी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

Big Shock To Congress In Up Former Mp Rajkumari Ratna Singh Joins Bjp :

आपको बता दें कि राजकुमारी रत्ना सिंह का जन्म 29 अप्रैल, 1959 को हुआ। राजकुमारी रत्ना सिंह पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय राजा दिनेश सिंह की पुत्री हैं। राजा दिनेश सिंह प्रतापगढ़ से चार बार और उनकी पुत्री राजकुमारी रत्ना सिंह तीन बार 1996, 1999 और 2009 में सांसद रह चुकी हैं। प्रतापगढ़ के गड़वारा में सीएम योगी मंगलवार को एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। कालाकांकर राजघराने की राजकुमारी रत्ना सिंह भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में पहुंची। चुनावी जनसभा के मंच से ही रत्ना सिंह के बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की गई। इस मौके पर उनके पुत्र भुवन्यु सिंह भी मौजूद रहे। रत्ना सिंह ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी की सदस्यता गृहण की।

आपको बता दें कि रत्ना सिंह उस कालाकांकर राजपरिवार से हैं, जो शुरूआत से ही कांग्रेसी रहा है। इनके परिवार के रामपाल सिंह कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में रहे हैं। रत्ना सिंह के पिता राजा दिनेश सिंह कांग्रेस की सरकार में विदेश मंत्री रहे। वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बहुत करीबी थे। उनको कांग्रेस का संकटमोचक भी माना जाता था। इसके चलते नेहरू-गांधी परिवार उनको बहुत महत्व देता था। उनको बिना सांसद रहे भी मंत्री बनाया गया था। बीते लोकसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी रह चुकीं राजकुमारी रत्ना सिंह के समर्थन में राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी प्रचार कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस को बड़ा झटका

उत्तर प्रदेश में अपना खोया जनाधार जुटाने के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस पार्टी के लिए यह बहुत बड़ा झटका है। प्रतापगढ़ में राजकुमारी रत्ना सिंह कांग्रेस बड़ा चेहरा थीं। अभी कुछ समय पहले ही दशकों पुराने कांग्रेसी अमेठी के राजा संजय सिंह ने भी कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से तीन बार की सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के सामने भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतापगढ़ विधानसभा उपचुनाव में सहयोगी अपना दल के प्रत्याशी राजकुमार के समर्थन में चुनावी सभा कर रहे हैं। इसी सभा में राजकुमारी रत्ना सिंह भी मंच पर पहुंची। इसके साथ ही कांग्रेस के साथ कई दशक से रहा कालाकांकर राजघराना अब उनसे टूट गया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। अमेठी के राजा डॉक्टर संजय सिंह के बाद अब प्रतापगढ़ राजघराने की राजकुमारी रत्ना सिंह ने भी भाजपा का दामन थाम लिया है। करीब चार दशक से कांग्रेस को मजबूती देने वाले परिवार की राजकुमारी रत्ना सिंह आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई। प्रतापगढ़ की पूर्व सांसद और कांग्रेस की नेता राजकुमारी रत्ना सिंह अपने समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में मंगलवार की दोपहर राजकुमारी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। आपको बता दें कि राजकुमारी रत्ना सिंह का जन्म 29 अप्रैल, 1959 को हुआ। राजकुमारी रत्ना सिंह पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय राजा दिनेश सिंह की पुत्री हैं। राजा दिनेश सिंह प्रतापगढ़ से चार बार और उनकी पुत्री राजकुमारी रत्ना सिंह तीन बार 1996, 1999 और 2009 में सांसद रह चुकी हैं। प्रतापगढ़ के गड़वारा में सीएम योगी मंगलवार को एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। कालाकांकर राजघराने की राजकुमारी रत्ना सिंह भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में पहुंची। चुनावी जनसभा के मंच से ही रत्ना सिंह के बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की गई। इस मौके पर उनके पुत्र भुवन्यु सिंह भी मौजूद रहे। रत्ना सिंह ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी की सदस्यता गृहण की। आपको बता दें कि रत्ना सिंह उस कालाकांकर राजपरिवार से हैं, जो शुरूआत से ही कांग्रेसी रहा है। इनके परिवार के रामपाल सिंह कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में रहे हैं। रत्ना सिंह के पिता राजा दिनेश सिंह कांग्रेस की सरकार में विदेश मंत्री रहे। वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बहुत करीबी थे। उनको कांग्रेस का संकटमोचक भी माना जाता था। इसके चलते नेहरू-गांधी परिवार उनको बहुत महत्व देता था। उनको बिना सांसद रहे भी मंत्री बनाया गया था। बीते लोकसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी रह चुकीं राजकुमारी रत्ना सिंह के समर्थन में राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी प्रचार कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस को बड़ा झटका

उत्तर प्रदेश में अपना खोया जनाधार जुटाने के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस पार्टी के लिए यह बहुत बड़ा झटका है। प्रतापगढ़ में राजकुमारी रत्ना सिंह कांग्रेस बड़ा चेहरा थीं। अभी कुछ समय पहले ही दशकों पुराने कांग्रेसी अमेठी के राजा संजय सिंह ने भी कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से तीन बार की सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के सामने भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतापगढ़ विधानसभा उपचुनाव में सहयोगी अपना दल के प्रत्याशी राजकुमार के समर्थन में चुनावी सभा कर रहे हैं। इसी सभा में राजकुमारी रत्ना सिंह भी मंच पर पहुंची। इसके साथ ही कांग्रेस के साथ कई दशक से रहा कालाकांकर राजघराना अब उनसे टूट गया।