महाराष्ट्र में NCP को बड़ा झटका, अजित पवार ने विधायकी छोड़ी

ajit pawar
चौथी बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने अजित पवार, शरद पवार की रणनीति या मजबूरी

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। अजित पवार महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शरद पवार के भतीजे हैं। एक-एक कर राकांपा छोड़ दूसरे दलों में शामिल होते नेताओं की वजह से बुरे दौर से गुजर रही राकांपा के लिए यह करारा झटका है।

Big Shock To Ncp In Maharashtra Ajit Pawar Leaves The Legislature :

महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागड़े ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। बागड़े ने कहा कि उन्हें राकांपा प्रमुख शरद पवार के भतीजे और पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार का इस्तीफा शाम को मिला। इसके बाद उनका फोन भी आया लेकिन उन्होंने इस्तीफा देने की वजह नहीं बताई।

राकांपा प्रमुख प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके भतीजे अजित पवार ने विधायक पद से इस्तीफा क्यों दिया। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार के अंदर कोई विवाद नहीं है। पवार ने कहा कि अजित के बेटे ने उन्हें बताया कि ईडी की तरफ से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राकांपा प्रमुख का नाम लेने पर महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री परेशान थे। शरद पवार ने कहा कि सभी पारिवारिक मामलों में मेरा फैसला अंतिम होता है। उन्होंने कहा कि जब मैं अजित से मिलूंगा तो उनसे इस फैसले की वजह पूछूंगा।

बता दें कि अजीत पवार के इस्तीफे के बाद शरद पवार ने बताया कि अजीत पवार ने अपने बेटे पार्थ पवार से कहा है कि राजनीति आज अपने निम्न स्तर पर है, इसलिए राजनीति छोड़ना बेहतर है। अजीत ने बेटे को भी राजनीति छोड़ने की सलाह देते हुए कहा है कि अब चलो खेती या कोई अन्य व्यवसाय करते हैं। गौरतलब है कि 2019 के संसदीय चुनाव के दौरान अजीत पवार ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि अगर सुप्रिया सुले बारामती लोकसभा सीट से चुनाव हार जाती हैं तो वे सक्रिय राजनीति से इस्तीफा दे देंगे।

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। अजित पवार महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शरद पवार के भतीजे हैं। एक-एक कर राकांपा छोड़ दूसरे दलों में शामिल होते नेताओं की वजह से बुरे दौर से गुजर रही राकांपा के लिए यह करारा झटका है। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागड़े ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। बागड़े ने कहा कि उन्हें राकांपा प्रमुख शरद पवार के भतीजे और पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार का इस्तीफा शाम को मिला। इसके बाद उनका फोन भी आया लेकिन उन्होंने इस्तीफा देने की वजह नहीं बताई। राकांपा प्रमुख प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके भतीजे अजित पवार ने विधायक पद से इस्तीफा क्यों दिया। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार के अंदर कोई विवाद नहीं है। पवार ने कहा कि अजित के बेटे ने उन्हें बताया कि ईडी की तरफ से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राकांपा प्रमुख का नाम लेने पर महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री परेशान थे। शरद पवार ने कहा कि सभी पारिवारिक मामलों में मेरा फैसला अंतिम होता है। उन्होंने कहा कि जब मैं अजित से मिलूंगा तो उनसे इस फैसले की वजह पूछूंगा। बता दें कि अजीत पवार के इस्तीफे के बाद शरद पवार ने बताया कि अजीत पवार ने अपने बेटे पार्थ पवार से कहा है कि राजनीति आज अपने निम्न स्तर पर है, इसलिए राजनीति छोड़ना बेहतर है। अजीत ने बेटे को भी राजनीति छोड़ने की सलाह देते हुए कहा है कि अब चलो खेती या कोई अन्य व्यवसाय करते हैं। गौरतलब है कि 2019 के संसदीय चुनाव के दौरान अजीत पवार ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि अगर सुप्रिया सुले बारामती लोकसभा सीट से चुनाव हार जाती हैं तो वे सक्रिय राजनीति से इस्तीफा दे देंगे।