सृजन घोटाला: तेजस्वी के सवालों पर सीएम नीतीश का बेबाक जबाब

पटना। बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों विधानसभा और विधानपरिषद में मॉनसून सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को ‘सृजन स्वयंसेवी घोटाले’ को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। मॉनूसन सत्र के पांचवें और अंतिम दिन शुक्रवार को विधानसभा की कार्रवाई शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार पर सृजन घोटाले में आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

वहीं विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने जदयू विधानमंडल दल की बैठक में कहा कि ऐसा कोई टकसाल नहीं बना जो मुझे खरीद सके। उन्होंने कहा कि मैंने जीवनभर पूरी ईमानदारी से राजनीति की है और कभी भी ईमानदारी से कोई समझौता नहीं किया है। उन्होने कहा कि विपक्ष जो आरोप लगा रहा है वह सरासर गलत है और उनके आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। इस मामले में कोई भी दोषी होंगे, वे नहीं बचेंगे। सीएम ने कहा कि चाहे वे किसी भी दल के हों या कितने ही रसूख वाले ही क्यों न हों, उन पर कार्रवाई की जायेगी? उन्होंने कहा कि आठ अगस्त को ही उनके संज्ञान में यह मामला आया और नौ अगस्त को उन्होंने इसकी सार्वजनिक जानकारी भी दी। उससे पहले किसी को कुछ नहीं मालूम था। मैंने तो उसी दिन टीम बनाकर जांच के लिए भेजा गया। सरकार ने देर न करते हुए पूरे मामले की जांच के लिए सीबीआइ को अनुशंसा भी कर दी, जिसे केंद्र सरकार ने भी मान लिया है।

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इससे पहले तेजस्वी यादव ने कहा कि सृजन घोटाला मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले से भी बड़ा है। इसके आरोपियों की भी लगातार मौत हो रही है। इसके बाद आरजेडी के सदस्य हंगामा करने लगे। संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार नियम के तहत किसी भी मामले को लेकर बहस करने को तैयार है। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने विपक्षी सदस्यों से प्रश्नोत्तर काल चलने देने की बात कही। विपक्ष कार्यस्थगन के तहत सृजन घोटाले पर बहस कराने की मांग को लेकर हंगामा करता रहा।

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