Bihar Board 10th Result 2020 : चंद मिनटों बाद जारी होगा BSEB बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट

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बिहार बोर्ड: टॉप 4 रैंक पर छात्रों ने जमाया कब्जा, जानें कैसा रहा लड़कियों का प्रदर्शन

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) बस12:30 बजे बिहार बोर्ड 10वीं  रिजल्ट / बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2020 (Bihar 10th result 2020) घोषित करने जा रहा है। अब से 30 मिनट बाद बिहार बोर्ड मैट्रिक के नतीजे जारी होने वाले हैं।  ऐसे में बिहार बोर्ड मैट्रिक के स्टूडेंट्स की दिल की धड़कने बढ़ने लगी हैं।  

Bihar Board 10th Result 2020 Bseb Bihar Board Matric Result To Be Released After Few Minutes :

जिन स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी है, वे अपने परिणाम बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.com और onlinebseb.in पर देखे जा सकेंगे।

बीएसईबी के अध्यक्ष आनंद किशोर ने पहले घोषणा कर दी थी कि मार्च के पहले सप्ताह में बिहार बोर्ड के इंटर और मैट्रिक के नतीजे जारी हो जाएंगे। बोर्ड ने 24 मार्च को इंटर के नतीजे जारी कर दिए गए थे। लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण बिहार बोर्ड मैट्रिक की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होने में देरी हो गई, जिसकी वजह से नतीजे जारी होने में भी देरी हुई।  

हालांकि 24 फरवरी तक परीक्षा आयोजित की जा चुकी थीं। इसके बाद 6 मई से मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हुई और 17 मई तक कॉपियों का मूल्यांकन हुआ। इसके बाद टॉपर्स के वेरीफिकेशन के बाद रिजल्ट की प्रक्रियां पूरी की गई।

इस साल नकल रोकने के लिए बिहार बोर्ड ने कई कदम उठाए थे। बिहार बोर्ड ने पहली बार प्री प्रिंटेड आंसर बुक इस्तेमाल की थी। इसके अलावा ओएमआर शीट में लाई गई थी जिसमें उम्मीदवार का नाम और फोटो पहले से ही प्रिंटेड होती थी। वहीं परीक्षा में कुल 100 प्रश्न थे, जिसमें से 60 प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप के थे।

टॉपर्स के इंटरव्यू पर भी कोरोना का असर- बिहार मैट्रिक के मूल्यांकन के बाद टॉपर्स के इंटरव्यू पर भी कोरोना का असर साफ दिखाई दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक हर बार की तरह टॉपर्स का फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं हो पाया। बिहार बोर्ड के मैट्रिक के टॉपर्स से ऑनलाइन ही प्रश्न पूछे गए। मेरिट लिस्ट बनाने से पहले उच्चतम अंक लाने वाले लगभग 100 छात्रों का इंटरव्यू लिया गया।

इस साल बिहार बोर्ड की परीक्षा में 15 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। परीक्षाएं प्रदेश के 13868 केंद्रों में आयोजित की गईं थी। 15, 29,393 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। जिसमें छात्राएं 7 83,034 औऱ 7, 46,359 छात्र शामिल हुए थे। पहली शिफ्ट में 7, 74,415 स्टूडेंट्स और दूसरी शिफ्ट में  7, 54,978 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।

2019 में 80.73 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए थे। बिहार बोर्ड मैट्रिक 2018 की परीक्षा में कुल 68.89 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए थे। यानी पिछले साल रिजल्ट काफी बेहतर रहा था। 2019 में करीब 12 प्रतिशत स्डूटेंस ज्यादा पास हुए थे। सिमुलतला के सावन राज भारती ने बिहार बोर्ड 10वीं में टॉप किया था। पहले 5 रैंक पाने वाले 8 स्टूडेंट्स सिमुलतला के थे। टॉप 10 स्टूडेंट्स में दो को छोड़कर शेष सभी विद्यार्थी सिमुलतला के थे।

ग्रेस मार्क्स पॉलिसी

पास प्रतिशत बेहतर करने के लिए बिहार बोर्ड ने ग्रेस मार्क्स देने की नीति अपना रखी है।  इसके मुताबिक अगर कोई छात्र किसी एक विषय में 8 प्रतिशत या इससे कम नंबर या दो विषयों में 4-4 प्रतिशत व उससे कम नंबर से फेल हो जाता है तो उसे ग्रेस नंबर देकर अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाता है। वहीं अगर कोई छात्र कुल 75 प्रतिशत अंक (एग्रीगेट) हासिल करता है और किसी एक विषय में 10 प्रतिशत से कम नंबर से फेल हो जाता है तो उसे पास घोषित कर दिया जाता है।

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) बस12:30 बजे बिहार बोर्ड 10वीं  रिजल्ट / बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2020 (Bihar 10th result 2020) घोषित करने जा रहा है। अब से 30 मिनट बाद बिहार बोर्ड मैट्रिक के नतीजे जारी होने वाले हैं।  ऐसे में बिहार बोर्ड मैट्रिक के स्टूडेंट्स की दिल की धड़कने बढ़ने लगी हैं।   जिन स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी है, वे अपने परिणाम बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.com और onlinebseb.in पर देखे जा सकेंगे। बीएसईबी के अध्यक्ष आनंद किशोर ने पहले घोषणा कर दी थी कि मार्च के पहले सप्ताह में बिहार बोर्ड के इंटर और मैट्रिक के नतीजे जारी हो जाएंगे। बोर्ड ने 24 मार्च को इंटर के नतीजे जारी कर दिए गए थे। लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण बिहार बोर्ड मैट्रिक की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होने में देरी हो गई, जिसकी वजह से नतीजे जारी होने में भी देरी हुई।   हालांकि 24 फरवरी तक परीक्षा आयोजित की जा चुकी थीं। इसके बाद 6 मई से मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हुई और 17 मई तक कॉपियों का मूल्यांकन हुआ। इसके बाद टॉपर्स के वेरीफिकेशन के बाद रिजल्ट की प्रक्रियां पूरी की गई। इस साल नकल रोकने के लिए बिहार बोर्ड ने कई कदम उठाए थे। बिहार बोर्ड ने पहली बार प्री प्रिंटेड आंसर बुक इस्तेमाल की थी। इसके अलावा ओएमआर शीट में लाई गई थी जिसमें उम्मीदवार का नाम और फोटो पहले से ही प्रिंटेड होती थी। वहीं परीक्षा में कुल 100 प्रश्न थे, जिसमें से 60 प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप के थे। टॉपर्स के इंटरव्यू पर भी कोरोना का असर- बिहार मैट्रिक के मूल्यांकन के बाद टॉपर्स के इंटरव्यू पर भी कोरोना का असर साफ दिखाई दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक हर बार की तरह टॉपर्स का फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं हो पाया। बिहार बोर्ड के मैट्रिक के टॉपर्स से ऑनलाइन ही प्रश्न पूछे गए। मेरिट लिस्ट बनाने से पहले उच्चतम अंक लाने वाले लगभग 100 छात्रों का इंटरव्यू लिया गया। इस साल बिहार बोर्ड की परीक्षा में 15 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। परीक्षाएं प्रदेश के 13868 केंद्रों में आयोजित की गईं थी। 15, 29,393 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। जिसमें छात्राएं 7 83,034 औऱ 7, 46,359 छात्र शामिल हुए थे। पहली शिफ्ट में 7, 74,415 स्टूडेंट्स और दूसरी शिफ्ट में  7, 54,978 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। 2019 में 80.73 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए थे। बिहार बोर्ड मैट्रिक 2018 की परीक्षा में कुल 68.89 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए थे। यानी पिछले साल रिजल्ट काफी बेहतर रहा था। 2019 में करीब 12 प्रतिशत स्डूटेंस ज्यादा पास हुए थे। सिमुलतला के सावन राज भारती ने बिहार बोर्ड 10वीं में टॉप किया था। पहले 5 रैंक पाने वाले 8 स्टूडेंट्स सिमुलतला के थे। टॉप 10 स्टूडेंट्स में दो को छोड़कर शेष सभी विद्यार्थी सिमुलतला के थे। ग्रेस मार्क्स पॉलिसी पास प्रतिशत बेहतर करने के लिए बिहार बोर्ड ने ग्रेस मार्क्स देने की नीति अपना रखी है।  इसके मुताबिक अगर कोई छात्र किसी एक विषय में 8 प्रतिशत या इससे कम नंबर या दो विषयों में 4-4 प्रतिशत व उससे कम नंबर से फेल हो जाता है तो उसे ग्रेस नंबर देकर अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाता है। वहीं अगर कोई छात्र कुल 75 प्रतिशत अंक (एग्रीगेट) हासिल करता है और किसी एक विषय में 10 प्रतिशत से कम नंबर से फेल हो जाता है तो उसे पास घोषित कर दिया जाता है।