नीतीश : मोदी से मुकाबले की क्षमता किसी में नहीं, मजबूरी में थामा बीजेपी का हाथ

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन टूटने और छठी बार सीएम बनने के बाद सोमवार (31 जुलाई) को पहली बार मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में पीएम नरेंद्र मोदी से मुकाबला करने की क्षमता किसी में नहीं है। उन्होंने कहा कि साल 2019 में फिर से नरेंद्र मोदी की सरकार बनेगी।

Bihar Cm Nitish Kumar Says No One Capable Fight Pm Narendra Modi 2019 Lok Sabha Poll Will Win Jdu Bjp Freindship :

सीएम ने कहा कि बेनामी संपत्ति पर मोदी हिट रहेंगे। नीतीश ने साफ किया कि उनके पास कोई विकल्प नहीं था, इसलिए बीजेपी का दामन थामा। उससे पहले बीजेपी से किसी तरह की कोई बातचीत नहीं चल रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी के साथ जाना पहले से तय नहीं था। नीतीश ने यह भी कहा कि प्रस्ताव बीजेपी के टॉप लीडर्स की तरफ से आया था।

नीतीश ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कोई उन्हें धर्मनिरपेक्षता नहीं सिखा सकता। उन्होंने कहा कि सेक्यूलरिज्म का चादर ओढ़कर लोग संपत्ति अर्जित कर रहे हैं। क्या सेक्यूलरिज्म यही सिखाता है। नीतीश ने तेजस्वी यादव के बारे में कहा कि उन्होंने बेनामी संपत्ति के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन वो देने में नाकाम रहे। नीतीश ने बीजेपी के साथ गठबंधन पर साफ कहा कि उनकी पार्टी और वो सहयोगी हैं, किसी के पिछलग्गू नहीं।

नीतीश कुमार ने बताया कि पार्टी विधान मंडल दल की बैठक में काफी विचार-विमर्श के बाद ही यब फैसला लिया गया कि बीजेपी के साथ जाया जाय। उन्होंने कहा कि आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की बजाय राजद के लोगों ने उन पर ही आरोप लगाए। नीतीश ने कहा कि उन्होंने बहुत कुछ सहा। उन्हें जहर तक कहा गया। राजद के लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। नीतीश ने कहा, मैंने गठबंधन धर्म निभाते हुए हर तरह की बातें सहीं ताकि गठबंधन बचा रह सके।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन टूटने और छठी बार सीएम बनने के बाद सोमवार (31 जुलाई) को पहली बार मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में पीएम नरेंद्र मोदी से मुकाबला करने की क्षमता किसी में नहीं है। उन्होंने कहा कि साल 2019 में फिर से नरेंद्र मोदी की सरकार बनेगी। सीएम ने कहा कि बेनामी संपत्ति पर मोदी हिट रहेंगे। नीतीश ने साफ किया कि उनके पास कोई विकल्प नहीं था, इसलिए बीजेपी का दामन थामा। उससे पहले बीजेपी से किसी तरह की कोई बातचीत नहीं चल रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी के साथ जाना पहले से तय नहीं था। नीतीश ने यह भी कहा कि प्रस्ताव बीजेपी के टॉप लीडर्स की तरफ से आया था। नीतीश ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कोई उन्हें धर्मनिरपेक्षता नहीं सिखा सकता। उन्होंने कहा कि सेक्यूलरिज्म का चादर ओढ़कर लोग संपत्ति अर्जित कर रहे हैं। क्या सेक्यूलरिज्म यही सिखाता है। नीतीश ने तेजस्वी यादव के बारे में कहा कि उन्होंने बेनामी संपत्ति के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन वो देने में नाकाम रहे। नीतीश ने बीजेपी के साथ गठबंधन पर साफ कहा कि उनकी पार्टी और वो सहयोगी हैं, किसी के पिछलग्गू नहीं। नीतीश कुमार ने बताया कि पार्टी विधान मंडल दल की बैठक में काफी विचार-विमर्श के बाद ही यब फैसला लिया गया कि बीजेपी के साथ जाया जाय। उन्होंने कहा कि आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की बजाय राजद के लोगों ने उन पर ही आरोप लगाए। नीतीश ने कहा कि उन्होंने बहुत कुछ सहा। उन्हें जहर तक कहा गया। राजद के लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। नीतीश ने कहा, मैंने गठबंधन धर्म निभाते हुए हर तरह की बातें सहीं ताकि गठबंधन बचा रह सके।