बिहार चुनाव: दूसरे चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार खत्म, मांझी सहित 458 प्रत्याशी मैदान में  

पटना। बीते 12 अक्टूबर को बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान हो जाने के बाद सभी राजनीतिक दल दूसरे चरण में होने वाले चुनाव की तैयारियों में लग गए। लेकिन अब दूसरे चरण के चुनाव के लिए किया जा रहा चुनाव प्रचार भी अपने अंतिम पायदान पर पहुँच गया है। 16 अक्टूबर को होने वाले इस चुनाव के लिए प्रचार का आज अंतिम दिन है। आज शाम पाँच बजे के बाद से क्षेत्र में न तो कोई लाउड स्पीकर सुनाई देगा और न ही कोई नेता अपने दल के उम्मीदवार के लिए कोई जनसभा कर सकता है। आज के बाद उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला सिर्फ और सिर्फ मतदाता के हाथों में रहेगा।

16 अक्टूबर को मध्य बिहार के 32 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले इस चुनाव में कुल 458 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं जिसमें राजग में शामिल हम मुखिया जीतनराम मांझी जैसे क़दावर उम्मीदवार भी शामिल हैं जो दो विधानसभा सीटों (मखदुमपुर और इमामगंज) से अपना भाग्य आजमा रहे हैं। आपको बता दें कि मखदुमपुर उनकी पुरानी सीट है जबकि इन बार उन्होने इमामजंग से भी नामांकन पर्चा दाखिल किया है। बताया जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी से लड़ाई के कारण ही उन्होने इमामगंज क्षेत्र से चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

इस चरण के चुनाव में मांझी के अलावा उनके पुत्र संतोष कुमार, विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी और भाजपा नेता प्रेम कुमार के भाग्य का फैसला भी होना है। अब देखना यह है कि आखिर कौन अपने राजनीतिक अस्तित्व को निखार पाएगा और किसकी लुटिया डूब जाएगी। अगर हम

अगर हम वर्ष 2010 की बात करें तो इन 32 सीटीं में से महागठबंधन में शामिल जदयू ने 18 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि भाजपा ने 10 सीटों पाए चुनाव लड़ा था। इन 10 सीटों में उन्हे 9 सीटें हासिल हुई थी। इस बड़ी जीत के पीछे जीतनराम मांझी की बड़ी भूमिका बताई जा रही थी। लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि 2010 के चुनाव में यहां पर राजद को भले ही 2 सीटें मिली थीं लेकिन वो 18 जगहों पर दूसरे नंबर पर रही थी।

दूसरे चरण में शुक्रवार को कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद और गया जिले के मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। दूसरे चरण में अधिकांश सीटें नक्सल प्रभावित हैं। इस चरण में जिन छह जिलों के 32 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होना है, उनमें 23 विधानसभा क्षेत्रों को नक्सल प्रभावित घोषित किया गया है। सामान्य क्षेत्रों में तो शाम पाँच बजे तक मतदान होगा लेकिन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से मतदान के लिए तीन बजे तक का समय तय किया गया है। वहीं कुछ क्षेत्रों में शाम चार बजे तक मतदान होंगे।