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बिहार चुनाव: नेताओं के बेटे-बेटियों का क्या है हाल, जानिए कौन चल रहा है आगे और कौन है पीछे?

Bihar Elections What Is The Condition Of The Sons And Daughters Of The Leaders Know Who Is Going Ahead And Who Is Behind

By शिव मौर्या 
Updated Date

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के शुरुआती रूझान सामने आ रहे हैं। इन रुझानों में एनडीए की सरकार बनती दिख रही है, जबकि महागठबंधन काफी पीछे हो गया है। हालांकि, अबी फाइनल चुनाव परिणाम आने में काफी देरी हो सकती है। वहीं, इस समय मतों की गणना में एक तरफ हसनपुर में लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव कुछ देर पीछे रहने के बाद आगे हो गए हैं। वहीं, बिहारीगंज में शरद यादव की बेटी सुभाषिनी राज राव और बांकीपुर में शत्रुघ्‍न सिन्‍हा के बेटे लव सिन्‍हा भी पीछे चल रहे हैं।

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वहीं, तेजस्वी याद राघोपुर सीट पर आगे चल रहे हैं। इसके साथ ही इनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव भी आगे हो गए हैं। वहीं, शरद यादव की बेटी सुभाषिनी यादव बिहारीगंज सीट पर पीछे चल रही है। इसके साथ ही शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा बांकीपुर सीट से पीछे चल रहे हैं। वह बतौर कांग्रेस उम्मीदवार इस सीट से बिहार के चुनावी रण में उतरे हैं। उनका मुकाबला बीजेपी के तीन बार के विधायक नितिन नवीन और प्लूरल्स पार्टी से उतरीं पुष्पम प्रिया से है।

इसके साथ ही लालू यादव के समधी चंद्रिका यादव परसा की सीट पर पीछे चल रहे हैं। यह सीट सारण जिले में आती है। वहीं, अंतराष्‍ट्रीय शूटर और भाजपा उम्‍मीदवार श्रेयसी सिंह जमुई सीट पर पीछे चल रही हैं। इसके साथ ही कांग्रेसी दिग्गज सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद मुकेश कहलगांव सीट पर आगे चल रहे हैं। इसके साथ ही तारापुर विधानसभा क्षेत्र से आरजेडी का युवा चेहरा दिव्या प्रकाश का भी सियासी भविष्य दांव पर लगा है।

वहीं, पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार के भतीजे पप्पू सिंह कांग्रेस के टिकट पर लालगंज से मैदान में हैं, जिनके खिलाफ बीजेपी से संजय कुमार सिंह, एलजेपी से राजकुमार शाह और आरएलएसपी के दिनेश कुमार कुशवाहा ताल ठोक रहे हैं. इस सीट के मौजूदा विधायक एलेजेपी के राजकुमार शाह हैं। इसके साथ ही मखदुमपुर सीट से जीतनराम मांझी के दामाद देवेंद्र कुमार मांझी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा से मैदान में हैं।

देवेंद्र कुमार के खिलाफ आरजेडी से सतीश दास चुनावी मैदान में उतरे हैं। इसी सीट पर दोनों प्रत्याशी युवा हैं, लेकिन सतीश दास एक साधारण परिवार के साथ-साथ महादलित समुदाय के रविदास समाज से आते हैं। वो आरजेडी के छात्र संगठन से जुड़े रहे हैं, जिसके चलते पार्टी ने अपने मौजूदा विधायक सुबेदार दास का टिकट काटकर उन्हें मैदान में उतारा है।

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