चारा घोटाला : दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में 37 दोषी करार, 5 बरी

चारा घोटाला : दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में 37 दोषी करार, 5 बरी
चारा घोटाला : दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में 37 दोषी करार, 5 बरी

रांची। चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने सोमवार को 37 लोगों को दोषी करार दिया और पांच लोगों को बरी कर दिया। यह मामला दुमका कोषागार से 1991-92 व 1995-96 के दौरान 34.91 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से निकासी से जुड़ा हुआ है।

यह चारा घोटाले का 51वां मामला है, जिसमें सीबीआई अदालत ने फैसला सुनाया है। इस मामले में आरोपी पशुपालन विभाग में अधिकारी व आपूतिकर्ता हैं। इसमें कोई राजनेता आरोपी नहीं था। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह मंगलवार को सजा के परिमाण पर दलीलों की सुनवाई करेंगे।

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इस मामले में 1996 में 72 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और आखिरी तौर पर 2004 में 60 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। मुकदमे के दौरान 14 आरोपियों की मौत हो गई, दो ने अपना गुनाह कबूल किया और दो फरार हैं। सीबीआई अदालत ने सोमवार को 37 को दोषी करार दिया और पांच को रिहा कर दिया।

अविभाजित बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद 1996 में चारा घोटाला प्रकाश में आया। लालू को चार मामलों में दोषी करार दिया गया है और वह जेल में हैं। उन्हें 23 मार्च को 14 साल के कारावास की सजा सुनाई गई। इस समय बंदी के रूप में वह दिल्ली के एम्स में भर्ती हैं।

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रांची। चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने सोमवार को 37 लोगों को दोषी करार दिया और पांच लोगों को बरी कर दिया। यह मामला दुमका कोषागार से 1991-92 व 1995-96 के दौरान 34.91 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से निकासी से जुड़ा हुआ है। यह चारा घोटाले का 51वां मामला है, जिसमें सीबीआई अदालत ने फैसला सुनाया है। इस मामले में आरोपी पशुपालन विभाग में अधिकारी व आपूतिकर्ता हैं। इसमें कोई राजनेता आरोपी नहीं…
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