बिहार में महबूबा मुफ्ती व उमर अब्‍दुल्‍ला पर देशद्रोह के मुकदमे दर्ज

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बिहार में महबूबा मुफ्ती व उमर अब्‍दुल्‍ला पर देशद्रोह के मुकदमे दर्ज

नई दिल्ली। जम्‍मू-कश्‍मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्‍छेद 370 तथा 35ए हटाये जाने के खिलाफ बयान देने को लेकर जम्‍मू कश्‍मीर के दो पूर्व मुख्‍यमंत्रियों महबूबा मुफ्ती और उमर अब्‍दुल्‍ला पर बिहार में देशद्राेह के मुकदमे किए गए हैं।

Bihar Treason Case Lodged Against Mehbooba Mufti And Farrukh Abdullah In Muzaffarpur About Statement Against Article370 :

वकील ने ये मामला पश्चिमी चंपारण की बेतिया अदालत में इसलिए दर्ज करवाया है क्योंकि इन नेताओं ने अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने का विरोध किया था। वकील का कहना है, “अदालत ने मामले पर संज्ञान लिया है। अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।”

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वाईस प्रेजिडेंट उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस कदम की निंदा की है। अब्दुल्ला ने क्षेत्र में अधिक सैनिकों की तैनाती का विरोध किया और कहा था कि ये फैसला अवैध, असंवैधानिक और एकतरफा है।

वहीं पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती ने इसे लेकर कड़ा विरोध जताया था। इतना ही नहीं महबूबा ने धमकी तक दे डाली थी। महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि आज का दिन देश के लोकतंत्र में काला दिन है। धारा 370 को रद्द करने का एकतरफा फैसला गैरकानूनी और असंवैधानिक है।

इसके बाद दूसरे ट्वीट में महबूबा ने कहा था कि 370 को रद्द करने के परिणाम भयावह होंगे। भारत सरकार के इरादे स्पष्ट हैं। वे जम्मू-कश्मीर के लोगों को भयभीत और आतंकित करके इसे पाना चाहते हैं। भारत ने अपने वादों को नहीं निभाया है। एक और ट्वीट में महबूबा ने लिखा था कि हम जैसे लोग जिन्होंने संसद में विश्वास रखा, उस लोकतंत्र के मंदिर से हमें धोखा मिला है।

नई दिल्ली। जम्‍मू-कश्‍मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्‍छेद 370 तथा 35ए हटाये जाने के खिलाफ बयान देने को लेकर जम्‍मू कश्‍मीर के दो पूर्व मुख्‍यमंत्रियों महबूबा मुफ्ती और उमर अब्‍दुल्‍ला पर बिहार में देशद्राेह के मुकदमे किए गए हैं। वकील ने ये मामला पश्चिमी चंपारण की बेतिया अदालत में इसलिए दर्ज करवाया है क्योंकि इन नेताओं ने अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने का विरोध किया था। वकील का कहना है, "अदालत ने मामले पर संज्ञान लिया है। अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।" जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वाईस प्रेजिडेंट उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस कदम की निंदा की है। अब्दुल्ला ने क्षेत्र में अधिक सैनिकों की तैनाती का विरोध किया और कहा था कि ये फैसला अवैध, असंवैधानिक और एकतरफा है। वहीं पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती ने इसे लेकर कड़ा विरोध जताया था। इतना ही नहीं महबूबा ने धमकी तक दे डाली थी। महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि आज का दिन देश के लोकतंत्र में काला दिन है। धारा 370 को रद्द करने का एकतरफा फैसला गैरकानूनी और असंवैधानिक है। इसके बाद दूसरे ट्वीट में महबूबा ने कहा था कि 370 को रद्द करने के परिणाम भयावह होंगे। भारत सरकार के इरादे स्पष्ट हैं। वे जम्मू-कश्मीर के लोगों को भयभीत और आतंकित करके इसे पाना चाहते हैं। भारत ने अपने वादों को नहीं निभाया है। एक और ट्वीट में महबूबा ने लिखा था कि हम जैसे लोग जिन्होंने संसद में विश्वास रखा, उस लोकतंत्र के मंदिर से हमें धोखा मिला है।