पीडितो को इंसाफ दिलाने में नगीना पुलिस फ्लॉप, दबंगो के डर से पलायन को मजबूर

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पीडितो को इंसाफ दिलाने में नगीना पुलिस फ्लॉप, दबंगो के डर से पलायन को मजबूर

बिजनौर/नगीना। दबंगो द्वारा घर में आग लगा देने व नगीना पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने से पीड़ित परिवार इंसाफ न मिलने से गांव से पलायन को मजबूर है। पुलिस लापरवाही के कारण गांव में कोई भी बड़ी घटना घट सकती है।

Bijnor Nagina Police :

जानकारी के अनुसार जनपद बिजनौर नगीना थाना क्षेत्र के ग्राम महेशपुर हीरा वाली में एक परिवार को इतना खौफ बढ़ गया कि वह गांव से पलायन करने को मजबूर हो गया है। वीरेंद्र सिंह चौहान पत्नी दीपा देवी और अपने तीन बच्चों के साथ गांव से प्लान करने का मन बना लिया है। वीरेंद्र सिंह अपने छोटे-छोटे बच्चों और अपनी पत्नी के साथ बड़ी हंसी खुशी के साथ गांव में निवास करते थे। और अपनी प्राइवेट नौकरी करके और मेहनत मजदूरी करके अपने छोटे बच्चों का पालन पोषण करते चले आ रहे थे। लेकिन पड़ोसी मदन सिंह व जसमंती बेटा गोलू व बेटी काजल से वीरेंद्र सिंह के परिवार की खुशी बर्दाश्त नहीं हुई।

आरोप है कि मदन सिंह के परिवार वालों ने विरेंद्र सिंह व उनके भाई के घर में एक एक बार आग लगा दी जिसमें वीरेंद्र सिंह के भाई का छप्पर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया था। और उसके छोटे-छोटे बच्चे भी रात्रि के समय में जलने से बाल बाल बच गए थे। लेकिन उसके बाद वीरेंद्र सिंह चौहान के घर में कई दिन बाद फिर आग लगाई गई थी।

जिसमें उनका सामान चारपाई व कपड़े और अन्य सामान जलकर राख हो गया था। जिससे आपसी विवाद बढ़ता ही चला जा रहा है फिर 1 दिन वीरेंद्र सिंह के बच्चे अपने घर के सामने रास्ते में खेल रहे थे कि अचानक मदन सिंह की बेटी काजल उम्र लगभग 18 वर्ष अपने घर से भाग कर आई और वीरेंद्र सिंह के बड़े बेटे उम्र लगभग 10 वर्ष हर्ष कुमार को पकड़ कर उसने गन्ना छीलने वाली दराती से हर्ष कुमार पर दो बार/बार किए जिसमें हर्ष दोनों बार बच गया।

जिसमें दरांती दोनों बार उसके हाथ में लगी। जिससे वह घायल हो गया और चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर हर्ष की मां घर में से भागी और अपने बच्चे हर्ष  को बमुश्किल बचाया। दंबगो पर कार्रवाही के लिए वीरेंद्र सिंह थाने पहुंचा और प्रार्थना पत्र थाने में सौंपा लेकिन हमेशा की तरह पुलिस ने अपना पुराना रवैया अपनाते हुए तहरीर लेकर के बजाय आरोपी मदन सिंह की लड़की काजल के खिलाफ कार्रवाई करने से बचें और अपना सुविधा शुल्क लेकर के लड़की के पिता मदन सिंह का चालान धारा 151 में कर दिया।

जिसमें पुलिस की कार्यशैली पर नए-नए सवाल उठने शुरू हो गए हैं। और आरोपियों के हौसले और बुलंद होते नजर आ रहे हैं। जिससे गम जुदा परिवार खौफ के साए में जी रहा है। और जब उनको प्रशासन से भी कोई मदद नहीं मिलती नजर आ रही तो उन्होंने अपने गांव से पलायन करने का मन बना लिया है।

इस प्रकरण में क्षेत्र के एसआई का कहना है कि मामला जमीन का है। जब वीरेंद्र सिंह की ताई से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जमीन को लेकर मेरी जान को भी खतरा है। और कुछ दिन पहले मदन सिंह ने झांसा देकर एक बीघा जमीन का बैनामा मुझसे करा लिया था। यदि जांच करके जल्द ही कोई एक्शन प्रशासन नहीं लेता तो और कोई बड़ी घटना जल्दी ही घट सकती है।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

बिजनौर/नगीना। दबंगो द्वारा घर में आग लगा देने व नगीना पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने से पीड़ित परिवार इंसाफ न मिलने से गांव से पलायन को मजबूर है। पुलिस लापरवाही के कारण गांव में कोई भी बड़ी घटना घट सकती है। जानकारी के अनुसार जनपद बिजनौर नगीना थाना क्षेत्र के ग्राम महेशपुर हीरा वाली में एक परिवार को इतना खौफ बढ़ गया कि वह गांव से पलायन करने को मजबूर हो गया है। वीरेंद्र सिंह चौहान पत्नी दीपा देवी और अपने तीन बच्चों के साथ गांव से प्लान करने का मन बना लिया है। वीरेंद्र सिंह अपने छोटे-छोटे बच्चों और अपनी पत्नी के साथ बड़ी हंसी खुशी के साथ गांव में निवास करते थे। और अपनी प्राइवेट नौकरी करके और मेहनत मजदूरी करके अपने छोटे बच्चों का पालन पोषण करते चले आ रहे थे। लेकिन पड़ोसी मदन सिंह व जसमंती बेटा गोलू व बेटी काजल से वीरेंद्र सिंह के परिवार की खुशी बर्दाश्त नहीं हुई। आरोप है कि मदन सिंह के परिवार वालों ने विरेंद्र सिंह व उनके भाई के घर में एक एक बार आग लगा दी जिसमें वीरेंद्र सिंह के भाई का छप्पर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया था। और उसके छोटे-छोटे बच्चे भी रात्रि के समय में जलने से बाल बाल बच गए थे। लेकिन उसके बाद वीरेंद्र सिंह चौहान के घर में कई दिन बाद फिर आग लगाई गई थी। जिसमें उनका सामान चारपाई व कपड़े और अन्य सामान जलकर राख हो गया था। जिससे आपसी विवाद बढ़ता ही चला जा रहा है फिर 1 दिन वीरेंद्र सिंह के बच्चे अपने घर के सामने रास्ते में खेल रहे थे कि अचानक मदन सिंह की बेटी काजल उम्र लगभग 18 वर्ष अपने घर से भाग कर आई और वीरेंद्र सिंह के बड़े बेटे उम्र लगभग 10 वर्ष हर्ष कुमार को पकड़ कर उसने गन्ना छीलने वाली दराती से हर्ष कुमार पर दो बार/बार किए जिसमें हर्ष दोनों बार बच गया। जिसमें दरांती दोनों बार उसके हाथ में लगी। जिससे वह घायल हो गया और चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर हर्ष की मां घर में से भागी और अपने बच्चे हर्ष  को बमुश्किल बचाया। दंबगो पर कार्रवाही के लिए वीरेंद्र सिंह थाने पहुंचा और प्रार्थना पत्र थाने में सौंपा लेकिन हमेशा की तरह पुलिस ने अपना पुराना रवैया अपनाते हुए तहरीर लेकर के बजाय आरोपी मदन सिंह की लड़की काजल के खिलाफ कार्रवाई करने से बचें और अपना सुविधा शुल्क लेकर के लड़की के पिता मदन सिंह का चालान धारा 151 में कर दिया। जिसमें पुलिस की कार्यशैली पर नए-नए सवाल उठने शुरू हो गए हैं। और आरोपियों के हौसले और बुलंद होते नजर आ रहे हैं। जिससे गम जुदा परिवार खौफ के साए में जी रहा है। और जब उनको प्रशासन से भी कोई मदद नहीं मिलती नजर आ रही तो उन्होंने अपने गांव से पलायन करने का मन बना लिया है। इस प्रकरण में क्षेत्र के एसआई का कहना है कि मामला जमीन का है। जब वीरेंद्र सिंह की ताई से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जमीन को लेकर मेरी जान को भी खतरा है। और कुछ दिन पहले मदन सिंह ने झांसा देकर एक बीघा जमीन का बैनामा मुझसे करा लिया था। यदि जांच करके जल्द ही कोई एक्शन प्रशासन नहीं लेता तो और कोई बड़ी घटना जल्दी ही घट सकती है।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट