यूपी युवा साहित्यकार संघ ने काव्य विचार गोष्ठी का आयोजन किया

बिजनौर/धामपुर। उ.प्र. युवा साहित्यकार संघ के संयोजन में हिंदी दिवस पर विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। मौहल्ला साह्वान स्थित साहित्यकार संघ के अध्यक्ष हरिकांत शर्मा के आवास पर गत देर रात आयोजित हुए काव्य गोष्ठी में यशपाल सिंह ने कहा कि हिंदी है जन-जन की भाषा, हिंदी है भारत की परिभाषा। अफजलगढ़ से आए डा. अशोक रस्तोगी ने कहा कि हिंदी सबसे प्यारी है, भाषा भारत वर्ष की। बहुल जी पुष्पाचछादिल क्यारी है, भाषा भारत भारत वर्ष की। डा.सांरगा देश असीम ने कहा कि मेरी वीर गा रही गीतों के कम्पित अंधेरों से।

आज शपथ है प्राण तुम्हे भी, टूटी बीन बजानी होगी। उस दौरान डा. सुरेंद्र राजपूत, नरेंद्रजीत, बाबू सिंह निराला, गजेंद्र सिंह एड.जगदीश चैहान, देशराज उदार, राम सिंह सुमन, कोमल कुमार राणा, इंदुकात शर्मा, केशव कांत शर्मा, राधिका आदि ने भी अपने कविता पाठ में हिंदी की महत्ता सम्बंधी कविताओं से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। अंत में संयोजक हरिकांत शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए भारतीय भाषाओं में करने का सकंल्प लेने का आह्वान किया। इस दौरान नगरवासियों में हिंदी के प्रति जागरुक करने लिए पत्र भी वितरित किए गए।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

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