शरारती तत्वों ने मुस्लिम बहुल्य क्षेत्र में हिन्दू के घर को बनाया निशाना

बिजनौर। पेदा में दो गुटों के बीच हुए खूनी संघर्ष को साम्प्रदायिक रंग देकर शरारती तत्व फिजां में जहर घोलने का प्रयास करने में लगे हैं। इन शरारती तत्वों ने जिला प्रशासन को चुनौती देते हुए मुस्लिम बहुल्य क्षेत्र में एक हिन्दू के घर को निशाना बना डाला। करीब डेढ़ घंटे तक घर पर पथराव कर दहशत फैलाई गई। बाद में फोर्स ने मोर्चा संभाला और रातभर घर के बाहर खड़े होकर उन लोगों की रक्षा की। रात की इस घटना से दूसरे पक्ष में रोष है।

थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के ग्राम पेदा में बहुसंख्यक समाज की छात्राओं से हो रही छेड़छाड़ की घटनाओं ने बड़ा रूप ले लिया था। छोत्राएं व छेड़छाड़ करने वाले अलग-अलग सम्प्रदाय के होने के कारण इस मामले ने बड़ा रूप ले लिया था। विवाद के दौरान पथराव व फायरिंग हुई, जिसमें एक ही पक्ष के तीन लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। हालांकि मामला छेड़छाड़ को लेकर हुए दो पक्षों में संघर्ष का था और मरने वाले भी एक ही परिवार के सदस्य थे, लेकिन राजनीतिक रोटियां सेकने व जिले की शांति को पलीता लगाने वाले सक्रिय हो गए। इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने का भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के दिन ही शाम को डा. बागेश समेत कई चिकित्सकों के अस्पतालों पर गैर सम्पदाय के शरारती तत्वों ने पथराव किया था।

रविवार को भी कुछ युवकों ने फायरिंग जैसी आवाज निकालने वाले साइलेंसर लगी बाइक दौड़ाकर दहशत पैदा करने का प्रयास किया। इन घटनाओं के बाद बची हुई कसर अफवाहों ने पूरी करते हुए सारे बाजार को पूरी तरह खाली करा दिया। अभी लोग इस असमंजस की स्थिति से निकलकर लोगों ने सामान्य जीवन जीना भी शुरू नहीं किया था कि सोमवार देर रात फिर से शांति और भाईचारे को पलीता लगाने का प्रयास किया गया। बताया जाता है कि शहर के मौहल्ला बड़वान में लंगोटिया बाबा के मंदिर का पिछला हिस्सा मुस्लिम बहुल्य क्षेत्र है। इसमें चंद घर हिन्दु समुदाय के हैं, जबकि शेष सभी मुस्लिमों के हैं। पेदा कांड के बाद से ही ये लोग किसी अनहोनी के डर से सहमें हुए थे, लेकिन अपना पैतृक घर न छोड़कर जाएं भी तो कहां, यह सोचकर अपने-अपने घरों में ही रूके हुए थे। सूत्रों का कहना है कि मध्यरात्री करीब 12 बजे वहां रहने वाले खैराती सिंह के घर पर शरारती तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया। ये लोग कभी छत तो कभी टीन पर पत्थर फेंककर परिवार के सदस्यों को भयभीत करते रहे।




इन लोगों ने कई बार रामलीला चैराहे पर पहुंचकर पुलिस की मदद लेने की सोची, लेकिन बाहर शरारती तत्वों के होने के कारण घर से बाहर निकले की हिम्मत नहीं जुटा पाए। करीब डेढ़ घंटे तक शरारती तत्व फिजां में जहर घोलने का प्रयास करते हुए कानून व्यवस्था को ललकारते रहे। बाद में भयभीत परिवार ने रामलीला के पास रहने वाले एक परीचित को मोबाइल से इस बारे में अवगत कराया, जिसके बाद उस व्यक्ति ने सुरक्षा बल को इसकी सूचना दी। सूचना के तुरंत बाद पुलिस व अन्य फोर्स मौके पर पहुंच गई। फोर्स को देखकर शरारती तत्व अपने-अपने घरों में घुस गए। फोर्स ने घटना की जानकारी लेते हुए पीडित परिवार को हिम्मत बंधाई, वहीं कुछ सुरक्षाकर्मी खैराती सिंह के घर में बाहर पहरा लगाकर खड़े हो गए।

ये सुबह होने तक इस परिवार को सुरक्षा देते रहे। रात की इस घटना से हिन्दू समाज के लोगों में रोष हैं। उनका कहना है कि अगर मुस्लिम बहुल्य क्षेत्रों में हिन्दू परिवारों को इस तरह से भयभीत किया जाएगा तो कई स्थानों पर हिन्दू बहुल्य क्षेत्रों में मुस्लिम भी रहते हैं। अगर उनके साथ इस तरह का बर्ताव किया जाएगा, तब शायद उन्हे और शासन-प्रशासन को भी अच्छा न हीं लगेगा।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट