फार्मासिस्टों की अनिश्चित कालीन हड़ताल का मरीजों पर पड रहा असर

बिजनौर। विभिन्न मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले फार्मासिस्टों ने मंगलवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरु कर दी। हालांकि हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं की गई। इस मौके पर एसोसिएशन के सह मंडलीय सह सचिव राजेश रवि ने कहा कि फार्मासिस्ट अपने कामों के साथ अन्य काम भी करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जिन अस्पतालों में चिकित्सक तैनात नहीं हैं, वहां पर फार्मासिस्ट ही मरीजों का उपचार करते हैं। चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं की पूर्व महानिदेशक विजय लक्ष्मी ने फार्मासिस्टों के कार्यो एवं दायित्वों पर तुलनात्मक पत्र शासन को लिखा था, लेकिन शासन ने उनके पत्र को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

शासन का ध्यान आकर्षित करने को फार्मासिस्टों ने पहले काली पट्टी बांध कर काम किया। इसके बाद दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अब फार्मासिस्टों को अनिश्चित कालीन हड़ताल कर अपनी बात रखनी पड़ रही है। हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सेवाओं एवं पोस्टमार्टम का कार्य पहले की तरह चलता रहेगा। हड़ताल करने वालों में गजेंद्र शर्मा, राजेश रवि, सतेंद्र अमौली, कालिका प्रसाद कुकरेती, सुभाष मोहन रावत, राम ङ्क्षसह, पुष्पेंद्र ङ्क्षसह, आनंद प्रकाश, प्रदीप बेलवाल, संजीव कुमार, नरेश चंद रूडौला, जेडी सकलानी, कविता वर्मा, मनोज शर्मा एवं अशोक भण्डारी आदि शामिल रहे।




बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

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